गोरखपुर (जेएनएन)। विधानसभा चुनावों की मतगणना शुरू होते ही भाजपा की लहर सामने आ गई। गोरक्ष पीठाधीश्‍वर सांसद महंत योगी आदित्‍यनाथ के गढ़ गोरखपुर-बस्ती मंडल की बात करें तो कुल 41 विधानसभा सीटों में से 38 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। केवल तमकुहीराज, नौतनवा और भाटपाररानी सीट ही दूसरे दलों के खाते में जाते हुए दिख रही है। 
महराजगंज के नौतनवां में अमनमणि त्रिपाठी ने जीत दर्ज की है।   अमनमणि के पक्ष में उनकी दोनों बहनों ने चुनाव प्रचार किया था। नौतनवा विधानसभा सीट से निर्दल प्रत्याशी अमनमणि त्रिपाठी मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के पुत्र हैं। अमनमणि का टिकट समाजवादी पार्टी ने काट दिया था। अमनमणि त्रिपाठी जेल में रहकर चुनाव लड़ा। पहले समाजवादी पार्टी ने उन्हें टिकट दिया लेकिन अमनमणि की सास सीमा सिंह के कड़े विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने टिकट काट दिया था। सपा से टिकट कटने के बाद अमनमणि ने निर्दलीय चुनाव लडऩे का फैसला लिया और चुनाव में जीत भी हासिल की। भले ही सारा सिंह की मौत पर सास सीमा सिंह अमनमणि को दोषी करार दे रही हों लेकिन जनता की नजरों में वह अभी भी बेगुनाह है। वोटिंग के बाद आए फैसले ने ये इसे सच भी साबित किया है। 
दिग्गजों को मिला झटका
वीआइपी सीटों की बात करें तो बस्ती जनपद के हर्रैया सीट से प्रत्याशी कद्दावर मंत्री राजकिशोर सिंह हों या सिद्धार्थनगर की इटवा सीट के दावेदार विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, बस्ती के कप्तानगंज सीट से सपा प्रत्याशी राम प्रसाद चौधरी , महदेवा सीट से राज्य मंत्री रामकरन आर्या जैसे दिग्गजों को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है। मतगणना परिणाम के अब तक के रुझान यह बताते हैं कि यह सभी दिग्गज अपनी-अपनी सीटें हार रहे हैं। बता दें कि 2012 के चुनावों में क्षेत्र में सपा का बोलबाला रहा। 41 में से 26 सीटें सपा के हिस्से आई थीं जबकि भाजपा और कांग्रेस को 8-8 सीटों से संतोष करना पड़ा था। 

Posted By: Nawal Mishra

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