हैदराबाद, (प्रेट्र )। गुलाबी रंग को अक्सर महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है लेकिन तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के लिए इस्तेमाल की जानी वाली पर्चियों के गुलाबी रंग को लेकर विवाद हो गया है। तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के लिए 8 दिसंबर को मतदान होना है । चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीन पर चिपकाए जाने वाले बैलट पेपर्स के लिए गुलाबी रंग के बैलट पेपर के इस्तेमाल को जारी रखने का फैसला किया है।

चुनाव आयोग के इस फैसले पर कांग्रेस पार्टी ने आपत्ति दर्ज की है। दरअसल कांग्रेस पार्टी ने गुलाबी रंग के बैलट पेपर के इस्तेमाल पर आपत्ति उठाने की वजह तेलंगाना राष्ट्रीय समिति पार्टी का चुनाव चिन्ह गुलाबी रंग का है। तेलंगाना राष्ट्रीय समिति अपनी सभी प्रचार सामग्री गुलाबी रंग का इस्तेमाल करती है। टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव सहित तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के सभी नेता गले में गुलाबी रंग का स्कार्फ़ पहनते हैं।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गुलाबी रंग के बैलट पेपर का इस्तेमाल न करने का अनुरोध किया है। कांग्रेस कहना है कि गुलाबी रंग के बैलट पेपर का इस्तेमाल मतदाताओं को टीआरएस के पक्ष में प्भावित कर सकता हैं। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष दासजु श्रवण ने चुनाव आयोग पर कटाक्ष करते हुए उस कहा है कि 'चुनाव आयोग गुलाबी रोग से पीड़ित है। उन्होंने कहा की हमारे तमाम विरोध के बावजूद चुनाव आयोग गुलाबी रंग के बैलट पेपर के इस्तेमाल पर कायम है। इससे टीआरएस को फायदा पहुंचेगा। इस पूरे विवाद पर तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी रजत कुमार के मुताबिक चुनाव आयोग केवल ईवीएम पर चिपकाए जाने वाले बैलट पेपर के लिए गुलाबी रंग के बैलट पेपर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वोटर स्लिप के लिए सफ़ेद रंग की पर्चियों का इस्तेमाल किया जाएगा। जो कि रिप्रजेंटेशन ऑफ़ पीपुल एक्ट के अनतर्गत है। ईवीएम पर चिपकाए जाने वाले बैलट पेपर का रंग बदलने के लिए ‘रिप्रजेंटेशन ऑफ़ पीपुल एक्ट’ में संशोधन करना पड़ेगा। टीआरएस के सांसद विनोद कुमार के मुताबिक गुलाबी रंग प्रेम का प्रतीक है इसलिए टीआरएस ने इस रंग का चुनाव किया है। विनोद कुमार ने कहा की जो लोग बैलट पेपर का रंग बदलना चाहते हैं ,उन्हें ये सवाल देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू से सवाल पूछना चाहिए। 1952 में उनकी सरकार ने ही लोकसभा चुनाव के लिए सफ़ेद और विधानसभा चुनाव के लिए गुलाबी बैलट पेपर्स का इस्तेमाल का फैसला किया था।

Edited By: Sanjeev Tiwari