यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rajasthan Election: राजस्थान जमकर बरसे सीएम हिमंत सरमा, बोले- सरकारी वेतन वाले मदरसे तत्काल होने चाहिए बंद
सीएम हिमंत ने कहा कि कांग्रेस के लिए गारंटी राहुल गांधी देते हैं। राहुल गांधी के लिए गारंटी कौन देता ...और पढ़ें

जयपुर, एएनआइ। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि अगर भाजपा को हिंदुओं पर नहीं तो क्या बाबर और औरंगजेब पर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी गर्व से हिंदुत्व के बारे में बोलेगी।
जयपुर ग्रामीण जिले में प्रचार के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में हिमंत ने कहा कि हिंदू मतलब सर्व धर्म समभाव। हिंदू मानते हैं कि पूरी दुनिया एक परिवार है। अगर हम इस संस्कृति के बारे में गर्व से नहीं बोलेंगे तो हम किसके बारे में बोलेंगे। जब तक सांस चलेगी हम गर्व से हिंदू बोलते रहेंगे।'
प्रियंका गांधी पर साधा निशाना
इससे पहले दिन में राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक रैली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मतदाताओं से कहा था कि अगर राजनीति में भावनाओं और धर्म का इस्तेमाल किया जाता है तो वे सावधान रहें।
विभिन्न राज्यों में कांग्रेस द्वारा दी जा रही गारंटियों के बारे में हिमंत ने कहा, 'कांग्रेस के लिए गारंटी राहुल गांधी देते हैं। राहुल गांधी के लिए गारंटी कौन देता है? यहां तक कि उनकी मां भी उनके लिए गारंटी नहीं दे सकतीं। इसलिए उनकी गारंटी की कीमत क्या है? पहले किसी को उनकी गारंटी लेनी चाहिए।'
भारत का हर बच्चा गायत्री मंत्र जानता है
प्रियंका गांधी के इस दावे पर कि उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें गायत्री मंत्र सिखाया था, हिमंत ने कहा, 'किसने किसको गायत्री मंत्र सिखाया, यह सनातन संस्कृति नहीं है। सिर्फ इंदिरा गांधी ही गायत्री मंत्र नहीं जानती थी। भारत का हर बच्चा गायत्री मंत्र जानता है।'
असम के मुख्यमंत्री ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर कृषि ऋण माफी और बेरोजगारी भत्ता देने का वादा नहीं निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वादे पूरे करने के बजाय प्रदेश सरकार पेपर लीक और महिलाओं के उत्पीड़न में लगी रही। अगर भाजपा सत्ता में आई तो क्या राजस्थान में भी मदरसों पर असम जैसा फैसला लागू किया जाएगा, इस पर हिमंत ने कहा, 'असम में 700 मदरसे ऐसे थे जिनमें सरकार वेतन देती थी, जो रुकना चाहिए। सरकारी वेतन वाले मदरसे तत्काल बंद होने चाहिए।
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मदरसा प्रणाली में बदलाव करने की जरूरत है
आगे बोले कि समुदाय द्वारा संचालित मदरसों का नियमन होना चाहिए। छात्रों के पास शिक्षा का अधिकार होना चाहिए और उन्हें डाक्टर या इंजीनियर बनने के लिए वहां से निकलने का विकल्प मिलना चाहिए। मदरसे सिर्फ मुल्ला बनाने के संस्थान नहीं होने चाहिए। हमें पूरी मदरसा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव करने की जरूरत है।'
