विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mizoram Election 2023: पांच निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा, CM जोरमथंगा बोले- सरकार के विरुद्ध नहीं मिला मुद्दा

By Jagran NewsEdited By: Shubham Sharma
Published: Wed, 11 Oct 2023 07:31 AM (IST)

मिजोरम में पांच निर्दलीय विधायकों आइजल पश्चिम से पांच निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही इस्तीफा देने ...और पढ़ें

पांच निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा।
पांच निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा।

एजेंसी, आइजल। मिजोरम में पांच निर्दलीय विधायकों आइजल पश्चिम से विधायक वीएल जैथनजामा, आइजल उत्तर द्वितीय से विधायक वनललथलाना, आइजल दक्षिण द्वितीय से विधायक ललुछुआनथांगा, आइजल दक्षिण प्रथम से विधायक ललसाविवुंगा व आइजल उत्तर प्रथम से विधायक वनललहलाना ने अपना इस्तीफा सौंपा है। वे मूलरूप से जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) से संबंधित थे।

एमएनएफ में हुए शामिल

2018 में चुनाव के समय जेडपीएम राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत नहीं था। उन्होंने कहा कि विधानसभा सदस्यता से उनका इस्तीफा महत्वपूर्ण है। अब वे जेडपीएम के टिकट पर नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके साथ ही इस्तीफा देने वालों की संख्या सात हो गई है। इससे पहले कांग्रेस विधायक केटी रोखाउ और पूर्व मंत्री के. बेचुआ ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। रोखाउ अपने गृह क्षेत्र पलक से चुनाव लड़ने के लिए सत्तारूढ़ मिजोरम नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) में शामिल हो चुके हैं।

सरकार के विरुद्ध कोई मुद्दा नहीं मिला

मिजोरम के मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के अध्यक्ष जोरमथंगा ने दावा किया है कि विपक्षी दलों को राज्य सरकार को निशाना बनाने के लिए उपयुक्त मुद्दे नहीं मिल रहे हैं। एमएनएफ कार्यालय ‘मिजो हन्म रन’ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) राज्य सरकार को दोषी ठहराने के लिए कोई मुद्दा नहीं खोज पाया है।

जोरमथंगा ने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लोग अब उसके साथ प्रयोग करना बंद कर रहे हैं। वर्ष 2018 के विधासभा चुनावों के बाद मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी जेडपीएम एक नये दल को सत्ता में लाने की वकालत कर रही है।

यह भी पढ़ेंः CG Election 2023: एक प्रत्याशी की खर्च सीमा 40 लाख, निर्वाचन आयोग को देना होगा पूरा ब्‍यौरा