शिलांग (प्रेट्र)। नेशनल पीपुल्‍स पार्टी ने शनिवार को कहा की नार्थ ईस्‍ट राज्‍यों की जनता परिवर्तन चाहती है और विश्‍वास जताया कि मेघालय में अगली सरकार उनकी पार्टी बनाएगी। 60 सदस्‍यीय मेघालय विधानसभा के 27 फरवरी को हुए चुनावों के परिणाम से त्रिशंकु विधानसभा का संकेत दिख रहा है। एनपीपी अध्‍यक्ष कोनराड संगमा ने कहा कि उनकी पार्टी अन्‍य दलों के सहयोग से अगली सरकार बनाएगी। उन्‍होंने कहा, ‘हमें उम्‍मीद है कि हम सरकार के गठन के योग्‍य होंगे जनता कांग्रेस सरकार के भ्रष्‍टाचार से तंग आ चुकी है। दिवंगत पीए संगमा के बेटे कोनराड ने कहा कि रिजल्‍ट अभी भी आ रहे हैं लेकिन अन्‍य पार्टियों के साथ मिलकर एनपीपी सरकार बनाने की स्‍थिति में है।

राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा की 59 सीटों पर चुनाव हुए थे जिनमें से कांग्रेस अब तक नौ सीटें जीतकर तथा 11 सीटों पर बढ़त हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभर रही है। एनपीपी ने तीन सीटें जीतीं हैं और 16 पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) दो सीटें जीत चुकी और चार पर आगे चल रही है। हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) को एक सीट मिली है और एक पर उसका उम्मीदवार आगे है। एक सीट खुन हाईन्यूट्रेप नेशनल अवेकनिंग मूवमेंट(केएचएनएएम) को मिली है , पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट चार सीटों पर ,भारतीय जनता पार्टी दो सीटों पर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एक पर बढ़त बनाये हुए है।

पिछले साल विधानसभा चुनावों में मणिपुर और गोवा में भी त्रिशंकु हालात थे तब भाजपा ने छोटी व स्‍वतंत्र पार्टियों के साथ मिलकर सरकार का गठन किया था। उसी तरह के हालात का सामना करते हुए भाजपा ने असम के मंत्री हिमंत बिश्‍व शर्मा को निर्दलीय उम्‍मीदवारों व छोटी पार्टियों से बात करने के लिए भेजा है। कांग्रेस ने भी अपने वरिष्‍ठ नेताओं अहमद पटेल और कमल नाथ को शिलांग भेज दिया है। बता दें कि 2003 से कांग्रेस मेघालय की सत्‍ता में है।

Edited By: Monika Minal