नई दिल्ली (जेएनएन)। मेघालय में 59 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। मेघालय में 18 सीटों का परिणाम अा गया है। 9 पर कांग्रेस, 3 पर एनपीपी, 4 सीटों पर यूडीपी प्लस और 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली। 11 पर कांग्रेस, 16 पर एनपीपी, 2 सीटों पर भाजपा और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे। राज्य में कांग्रेस भले ही सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन एनपीपी अौर भाजपा के अापस में मिलने से समीकरण बदल सकता है।

मेघालय में इस बार मुकाबला संगमा बनाम संगमा का लग रहा है। एक तरफ मुख्यमंत्री मुकुल संगमा कांग्रेस पार्टी को सत्ता में बनाए रखने के लिए जोर लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा के बेटे कोनार्ड संगमा के नेतृत्व में नेशनल पीपुल्स पार्टी सत्तारूढ़ दल के बड़ी चुनौती दे रही है। ध्यान देने वाली बात यह कि मुकुल और कोनार्ड दोनों ही गारो हिल्स इलाके से आते हैं। लेकिन यहां पीए संगमा के निधन के बाद कोनार्ड संगमा का राजनीतिक कद इलाके में काफी प्रभावशाली हो गया है।

राज्य में इस बार 84 फीसदी मतदान हुआ है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा भाजपा, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट मुकाबले में है। वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन कोई जीत न सका था। एनपीपी को 32 में से मात्र दो सीटें मिली थीं। पिछले चुनाव (2013) में यहां कांग्रेस को सबसे ज्यादा 29 सीटें मिली थीं, जबकि 13 निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव जीता था।

यहां पर 60 विधानसभा सीट है। मेघालय में 59 सीट पर मतदान हुअा है। 67 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है।फिलहाल  मेघालय में कांग्रेस की सरकार है। मेघालय में चुनाव से पहले राकांपा उम्मीदवार जोनाथन एन संगमा के मारे जाने के कारण विलियम नगर निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव स्थगित हो गया।

मेघालय में कांग्रेस अपना किला बचाने की जुगत में है। पार्टी की वहां सरकार है। अगर मेघालय में हार गई तो पूरे देश में संदेश जाएगा कि एक और राज्य से पार्टी समाप्त हो गई और भाजपा कांग्रेस मुक्त भारत के अपने नारे को और मजबूती से पेश करेगी। ऐसे में 2019 से पहले अपनी संभावनाओं को खुला रखने के लिए कांग्रेस पर इस राज्य में बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव है। कांग्रेस को यहां बागी गुट के अलावा तमाम छोटे-छोटे दलों से चुनौती मिल रही है, जिनके साथ भाजपा चुनाव बाद सरकार बनाने की जुगत में है।

 2013 के विधानसभा चुनाव में मेघालय में कांग्रेस ने 29 पर जीत दर्ज की थी, तो वहीं यूडीपी ने 8, निर्दलीय ने 13, एनसीपी ने 2 और अन्य ने 8 सीटें जीती थीं।

Edited By: Sanjeev Tiwari