मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के लिए बुधवार को 45 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। 

गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 27 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। भाजपा, कांग्रेस व शिवसेना भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। 

उम्मीदवारों की सूची की सूची जारी होने के बाद अब नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार जोर पकड़ने वाला है। साथ ही, आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी शुरू होने वाला है। अब तक राष्ट्रवादी कांग्रेस के कई नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं।

 

महाराष्ट्र में भाजपा की पहली सूची से कई दिग्गजों के नाम गायब

मुंबई भारतीय जनता पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा के लिए मंगलवार को अपने 125 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। इसमें एकनाथ खडसे, प्रकाश मेहता और विनोद तावड़े जैसे दिग्गजों के नाम गायब हैं। बता दें कि भाजपा ने काफी प्रतीक्षा के बाद सोमवार को शिवसेना एवं चार अन्य साथी दलों के साथ अपने गठबंधन की घोषणा की थी, लेकिन सीटों के औपचारिक बंटवारे का कोई बयान अभी तक किसी साथी दल या गठबंधन की तरफ से सामने नहीं आया है। इसके बावजूद शिवसेना ने दो दिन पहले से नामांकन के लिए जरूरी एबी फॉर्म देने शुरू कर दिए थे।

भाजपा ने मंगलवार को प्रत्याशियों की जो पहली सूची जारी की है, उसमें आश्चर्यजनक रूप से देवेंद्र फड़नवीस के मंत्रिमंडल में शामिल रह चुके प्रकाश मेहता, विनोद तावड़े, राजपुरोहित और एकनाथ खडसे जैसे दिग्गजों का नाम नहीं है। इनमें तावड़े और खडसे तो पांच साल पहले फड़नवीस के साथ मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार भी माने जा रहे थे। खडसे गोपीनाथ मुंडे के करीबी और पिछड़े वर्ग के नेता हैं। उनके बंगले पर दाऊद के कराची स्थित घर से फोन आने के आरोपों के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देना पड़ा था। ये आरोप उन पर आम आदमी पार्टी ने लगाए थे।

बाद में इन आरोपों से क्लीनचिट मिलने के बावजूद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। आज उन्होंने अपना पर्चा भर दिया है, लेकिन उनका नाम पार्टी के प्रत्याशियों की पहली सूची से गायब है। पार्टी उन्हें एबी फॉर्म देगी या नहीं, इस पर अभी भ्रम बना हुआ है। हालांकि उनकी पुत्रवधू रक्षा खडसे फिलहाल जलगांव से भाजपा की सांसद हैं।

नहीं हुई है अब तक सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा

अब तक भाजपा और साथी दलों में सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि शिवसेना 124 और भाजपा अन्य साथी दलों के साथ 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शिवसेना की ओर से लड़ी जाने वाली 124 सीटों की घोषणा कर दी गई है। इससे माना जा रहा है कि शिवसेना 124 सीटों पर लड़ने के लिए सहमत हो गई है।

साथी दलों को कमल के निशान पर लड़ाना चाहती है भाजपा

अब वह अपने चार साथी दलों को अपने चुनाव चिह्न कमल पर लड़ने के लिए सहमत करना चाहती है। माना जा रहा है कि वह इन दलों के लिए 16 सीटें छोड़ेगी। भाजपा का मानना है कि यदि उसके साथी दल भी कमल निशान पर लड़ने को राजी हो जाएं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि का लाभ पाते हुए साथी दलों के प्रत्याशियों की जीत की संभावना भी बढ़ जाएगी। हालांकि साथी दलों को सहमत करना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।

नागपुर दक्षिण-पश्चिम से लड़ेंगे देवेंद्र फड़नवीस

घोषित सूची में भाजपा ने 52 वर्तमान विधायकों को पुन: मौका दिया है। इनमें 12 महिला विधायक शामिल हैं। पुणे की सभी आठ सीटें भाजपा के हिस्से में आई हैं जबकि मुंबई की 36 सीटों पर बंटवारे की स्थिति अभी साफ नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को नागपुर दक्षिण-पश्चिम, पंकजा मुंडे को परली, राधाकृष्ण विखे पाटिल को शिरडी, गिरीश महाजन को जामनेर, हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए संदीप नाईक को ऐरोली व कांग्रेस से भाजपा में शामिल हर्षवर्धन पाटिल को इंदापुर से टिकट दिया गया है।

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Posted By: Sachin Mishra

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