इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 'वक्त है बदलाव का' का असर इंदौर की विधानसभा सीटों पर भी दिखा। पांच साल पहले जिस भाजपा ने जिले की नौ में से आठ सीटों पर जीत हासिल की थी, उसके हाथ मंगलवार को हुई मतगणना में सिर्फ पांच सीटें लगीं। पार्टी ने जिले में तीन सीटें गवाईं। हालांकि महू और तीन नंबर की प्रतिष्ठित सीट बचाने में वह कामयाब रही। एक नंबर और देपालपुर में 15 साल का वनवास खत्म कर कांग्रेस ने परचम फहराया। इसके अलावा उसे सांवेर और राऊ में भी जीत मिली।

मतगणना को लेकर दिनभर ऊहापोह की स्थिति बनी रही। भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच घट-बढ़ का खेल चलता रहा। 15 साल से भाजपा के कब्जे में चल रही एक नंबर सीट पर कांग्रेस के संजय शुक्ला ने आठ हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की। उन्होंने दो बार के विधायक भाजपा के सुदर्शन गुप्ता को हराया।

सबसे ज्यादा ऊहापोह विधानसभा तीन और महू में रही। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिष्ठा इन दोनों सीटों की वजह से दांव पर लगी थी। आकाश को तीन नंबर से टिकट देकर उषा ठाकुर को महू भेजने पर कैलाश का दावा था कि वे दोनों सीटें जिता लाएंगे जो सही साबित हुआ।

दूसरी बार सबसे बड़े अंतर से जीते रमेश मेंदोला

क्षेत्र क्रमांक दो से रमेश मेंदोला दूसरी बार सबसे ज्यादा मतों से जीते। उन्हें 1,38,794 मत मिले। वे कांग्रेस के मोहन सेंगर से 71,011 वोटों से जीते। वर्ष 2013 में मेंदोला ने 91,017 वोटों से प्रदेश की सबसे बड़ी जीत हासिल की थी।

Posted By: Prashant Pandey

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