इंदौर। मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में 75 प्रतिशत मतदान हुआ। युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने भी मतदान में जमकर हिस्सा लिया। वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए आने वाली किसी भी मुश्किल को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। धार जिले के कष्टा गांव के ग्रामीण इसी बात का उदाहरण है।

नाव से तीन घंटे सफर कर पहुंचे मतदान केंद्र

धार के डही विकासखंड का गांव कष्टा। नाम जैसी ही स्थिति भी। 66 साल में न कोई उम्मीदवार वोट मांगने पहुंचा, न ही जीतने के बाद विधायक, लेकिन अशिक्षित आदिवासियों ने मतदान के प्रति उत्साह दिखाया। प्रशासन की पहल पर 300 मतदाताओं ने नाव से नर्मदा नदी पार की और तीन घंटे सफर कर पोलिंग बूथ पहुंचे। फोटो कंटेंट: गोपाल माहेश्वर

दोनों हाथ नहीं व एक पैर बेकार, वोट डाल उसी पैर पर लगवाई स्याह

शाजापुर के हरायपुरा स्कूल परिसर के केंद्र पर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सिद्धनाथ वर्मा ने मतदान किया। उनके दोनों हाथ नहीं हैं और एक पैर जन्म से बेकार है। उन्होंने उसी पैर की अंगुली में अमिट स्याही लगवाई। फोटो कंटेंट : बंटी व्यास

95 वर्षीय वृद्धा बेटे की गाड़ी पर आगे बैठकर मतदान करने पहुंचे

देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का जज्बा हो तो उम्र भी आड़े नहीं आती। यही दर्शाया है इंदौर के क्षेत्र क्र.-1 की 95 वर्षीय सोनू बाई ने। वे बेटे की गाड़ी पर बच्चों की तरह बैठकर मतदान करने पहुंचीं। फोटो: प्रफुल्ल चौरसिया 'आशु'  

Posted By: Prashant Pandey

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