भोपाल, नईदुनिया स्टेट ब्यूरो। विधानसभा चुनाव में डैमेज कंट्रोल में कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से लेकर चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य नेता जुटे हैं।

प्रत्याशियों की घोषणा के बाद असंतुष्ट नेताओं को मानने के लिए नेता संपर्क कर रहे हैं। दिग्विजय ने भोपाल के असंतुष्ट नेताओं के घर जाकर और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठकर मुलाकात की। उन्होंने टेलीफोन से प्रदेश के दूसरे अंचल के लोगों से चर्चा भी की। दावा किया जा रहा है कि करीब 60 फीसदी असंतुष्ट कांग्रेसजनों से नेताओं की बात हो चुकी है और सोमवार को वे सभी नामांकन पर्चे वापस ले लेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने रविवार को दो दौर में असंतुष्टों से मुलाकात व बातचीत की। सुबह वे भोपाल में असंतुष्टों से मिलने घर व अन्य स्थानों पर पहुंचे। सिंह हुजूर विधानसभा क्षेत्र से दावा कर रही महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मांडवी चौहान के घर कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी के साथ पहुंचे। वहां मांडवी चौहान ने उनका शॉल और श्रीफल से स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में पहुंचे। इसी तरह उन्होंने कुछ अन्य असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात की।

शाम को दिग्विजय प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पहुंचे। वहां कई असंतुष्टों को बुलाकर मुलाकात की। गोविंदपुरा विधानसभा सीट से दावेदारी कर रहे रामबाबू शर्मा जैसे कुछ नेताओं से सिंह ने अलग बातचीत की और नाराजगी दूर करने का प्रयास किया। इसके अलावा दिग्विजय सिंह ने टेलीफोन पर भी प्रदेश के कुछ अन्य क्षेत्रों में नामांकन दाखिल करने वाले कांग्रेस नेताओं से बात की। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल संभाग के विधानसभा क्षेत्रों में बागी होकर नामांकन पर्चे भरने वाले या नाराज होकर घर बैठे नेताओं से चर्चा की है।

पड़ोसी देशों से संबंध बिगड़े

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में पड़ोसी देशों से संबंध बिगड़े हैं। नेपाल, श्रीलंका और भूटान से यूपीए के कार्यकाल में अच्छे संबंध थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के आईटी सेल के नेता पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पकड़े जा चुके हैं।

Posted By: Rahul.vavikar

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