भोपाल, नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के जो दिग्गज नेता हारे हैं, उन्हें अब पार्टी चार महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में उतार सकती है। इनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद और मप्र के पूर्व मंत्री शामिल हैं। इसको लेकर पार्टी में मंथन भी शुरू हो गया है। विधानसभा चुनाव में अजय सिंह के अलावा भोजपुर से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, बुदनी से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पवई से मुकेश नायक, विजयपुर से रामनिवास रावत, गुढ़ से सुंदरलाल तिवारी, बिजावर से शंकरप्रताप सिंह बुंदेला, खुरई से अरुणोदय चौबे, इंदौर पांच से सत्यनारायण पटेल को हार का सामना करना पड़ा है।

इन दिग्गज नेताओं को फिलहाल पार्टी विधानसभा में नहीं ले जा सकती है, लेकिन चार महीने बाद लोकसभा चुनाव में इनको प्रत्याशी बना सकती है। इसको लेकर पार्टी में प्रारंभिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक अजय सिंह को सीधी लोकसभा सीट से उतारा जा सकता है। हालांकि सिंह एक बार 2014 में सतना लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाए जा चुके हैं और वे बहुत कम अंतर से हार गए थे।

भोजपुर से हारे पचौरी को होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र से उतारने की संभावना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को खंडवा संसदीय क्षेत्र से उतारे जाने की चर्चा है। वे यहीं से जीतकर केंद्रीय मंत्री बने थे। इंदौर संसदीय क्षेत्र से लोस अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से हार चुके सत्यनारायण पटेल को लोकसभा चुनाव में एक और मौका दिए जाने के संकेत हैं। वहीं, रीवा से सुंदरलाल तिवारी तो दमोह से मुकेश नायक को लोकसभा चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा है। सागर संसदीय सीट से अरुणोदय चौबे या शंकरप्रताप सिंह को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।

प्रारंभिक तैयारियां शुरू

लोकसभा चुनाव की प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने पीसीसी में आकर अपनी इच्छा जताना शुरू कर दिया है। मंत्रिमंडल बन जाने के बाद इसमें और तेजी आएगी। - चंद्रप्रभाष शेखर, संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष, पीसीसी  

Posted By: Prashant Pandey