रांची, राज्य ब्यूरो। Saryu Rai Resignation मुख्यमंत्री रघुवर दास के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर सुर्खियां बटोरने वाले मंत्री सरयू राय अब नए विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। उनका दावा है कि उन्होंने 17 नवंबर को फैक्स और ईमेल के जरिए राजभवन को इस्तीफा भेजा था, जिसका आज राजभवन ने खंडन कर दिया। राजभवन ने बुधवार को आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, राजभवन को अभी तक उनके मंत्रिपरिषद से त्यागपत्र संबंधी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।

हालांकि, झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election 2019) में जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा के साथ ही सरयू राय ने मंत्री और विधायक पद से इस्तीफे का दावा किया था। उन्होंने त्यागपत्र की प्रति भी मीडिया को जारी की थी। राज्यपाल को संबोधित करते हुए उन्होंने पत्र में लिखा था कि वे झारखंड सरकार के मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे रहे हैैं, जिसे तात्कालिक प्रभाव से स्वीकृत करने की कृपा करें। त्यागपत्र नहीं मिलने की राजभवन की स्वीकारोक्ति के बाद इस मामले में अजीब स्थिति पैदा हो गई है। सरयू राय ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लडऩे के दौरान मंत्री पद और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र को जनसमर्थन और सहानुभूति हासिल करने का आधार बनाया था। 

कैबिनेट सचिवालय और मुख्यमंत्री सचिवालय के पास भी नहीं त्यागपत्र

सरयू राय का त्यागपत्र मंत्रिमंडल सचिवालय और मुख्यमंत्री सचिवालय को भी प्राप्त नहीं हुआ है। नियम से मंत्रिमंडल से त्यागपत्र मुख्यमंत्री सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय के संज्ञान में होना चाहिए, क्योंकि इसपर फैसले के लिए मुख्यमंत्री की सिफारिश आवश्यक है। 

राज्यपाल से मिलकर देंगे त्यागपत्र : सरयू राय

सरयू राय का कहना है कि उन्होंने 17 नवंबर को फैक्स और ईमेल के जरिए राजभवन को त्यागपत्र भेजा था। उन्होंने राजभवन के अधिकारियों से मुलाकात का भी वक्त मांगा है, ताकि वे राज्यपाल से मिलकर त्यागपत्र दे सकें। शुक्रवार को वे राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैैं। इस दौरान वे इस्तीफा स्वीकृत करने का आग्रह करेंगे।

Posted By: Alok Shahi

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