रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 झारखंड के मुख्‍यमंत्री रघुवर दास की कैबिनेट में खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने बड़ा एलान किया है। आर-पार के मूड में दिख रहे सरयू राय ने बगावत के सुर बुलंद करते हुए जमशेदपुर पूर्वी सीट से मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा की है। खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री  सरयू  राय ने आज झारखंड मंत्री परिषद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा झारखंड के राज्यपाल  द्रौपदी मुर्मू को भेज दिया है। इसके साथ ही  राय ने झारखंड विधानसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। राज्यपाल एवं विधानसभा अध्यक्ष को भेजे पत्र में  राय ने अपना इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर करने का आग्रह किया है।

वे जमशेदपुर पश्चिमी सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। उन्‍होंने जमशेदपुर की दोनों सीटों से चुनाव लड़ने का एलान किया है। कहा कि मैं पूर्वी में अधिक समय दूंगा, पश्चिम में उनके कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले सरयू राय के आवास पर सुबह से लोगों की भारी भीड़ जुट गई। कार्यकर्ता यहां जमकर नारेबाजी कर रहे थे। लोगों के हुजूम के बीच सरयू राय ने मंत्री पद से इस्‍तीफा देने की घोषणा की। कहा कि सोमवार को नामांकन करने जाऊंगा।

झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सरयू राय के भाजपा छोड़ने और मुख्‍यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ने को न्‍याय की लड़ाई बताया है। कहा कि सरयू राय भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते हैं। हमारा यह नैतिक कर्तव्य है कि हम सहयोग करें। हम उनकी लड़ाई में साथ दें। 130 करोड़ के दवा घोटाले के आरोपी को भाजपा टिकट देती है और इसे उजागर करने वाले नेता का टिकट काटती है। जमशेदपुर में न्याय की लड़ाई है। हमारे नेता हेमंत सोरेन ने भी विपक्षी दलों से अपील की है कि वे सरयू राय का समर्थन करें।

बता दें कि सरयू राय के फैसले पर पक्ष-विपक्ष सबकी नजरें टिकी रहीं रांची से दिल्‍ली तक उनके निर्णय पर नेताओं के बीच सरगर्मी तेज रही। इससे पहले सरयू राय ने भाजपा से बगावत करते हुए कहा कि मुझे भाजपा का टिकट नहीं चाहिए। उन्‍होंने पार्टी नेतृत्व से साफ शब्‍दों में कहा कि अब मेरे नाम पर विचार न करें। इधर सरयू राय के बागी होते ही भाजपा को इस विधानसभा चुनाव में सत्‍ता से बेदखल करने का दम भर रही विपक्षी पार्टियां जोर-शोर से उनके समर्थन में सामने आई हैं।

हेमंत सोरेन बोले, पूरा विपक्ष करे सरयू राय का समर्थन

सरयू राय के बागी रुख के बाद विपक्षी दलों ने भी उन्हें खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि सरयू राय ने पिछले 5 सालों में रघुवर सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर एक अलग पहचान बनाई है। यूपीए झारखंड को भ्रष्ट्राचार मुक्त बनाने को कृतसंकल्पित है। सरयू राय मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ते है तो इन्हें पूरा विपक्ष समर्थन दे मैं ये अपील करता हूं। उधर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर, डॉ. इरफान अंसारी समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने भी सरयू के फैसले को सही बताते हुए समर्थन की बात कही है। 

जमशेदपुर पूर्वी-पश्चिमी से खरीदा है नामांकन पत्र

वर्तमान में जमशेदपुर पश्चिम सीट से विधायक सरयू राय ने जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी दोनों विधानसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र खरीदा है। ऐसे में रविवार को उनके फैसले पर नेता-कार्यकर्ता टकटकी लगा रखे हैं। सरयू ने बीते दिन जमशेदपुर में कहा कि पार्टी नेतृत्व मुझे लेकर असमंजस की स्थिति में था। इसलिए मैंने उन्हें चिंतामुक्त कर दिया है। मैंने पार्टी नेतृत्व को आदरपूर्वक टिकट देने से मना कर दिया। सरयू ने कहा कि भाजपा ने मुझे बहुत कुछ दिया। एमएलसी बनाया, दो बार एमएलए बनाया, मंत्री भी बनाया। इसके लिए मैं पार्टी नेतृत्व का शुक्रगुजार हूं। मैं अभी तक भाजपा में हूं। भाजपा द्वारा इस बार 10 विधायकों के टिकट काटे जाने की वजह पूछने पर सरयू ने कहा कि बॉस कोई भी कार्रवाई का कारण नहीं बताता है। 'बॉस इज ऑलवेज राइट' होता है। बॉस से कोई कारण पूछ भी नहीं सकता, न वह बताने के लिए बाध्य है।

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Posted By: Alok Shahi

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