रांची, [जागरण स्‍पेशल]। Jharkhand Assembly Election 2019 कर्नाटक उपचुनाव के नतीजे से उत्‍साहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों को जमकर निशाने पर लिया। पीएम ने कहा कि पीठ में छुरा घोंपने वाले को जनता कठोर सबक सिखाती है। मतदाता जनादेश का अपमान करनेवालों से करारा बदला लेते हैं। झारखंड के बरही और बोकारो की चुनावी रैली से उन्‍होंने इशारे में महाराष्‍ट्र की उद्धव सरकार को जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने अप्रत्‍यक्ष रूप से शिवसेना को चेताते हुए कहा कि कांग्रेस कभी गठबंधन धर्म का पालन नहीं करती। वह यूज एंड थ्रो की नीति पर चलती है।

पीएम ने कहा कि जनादेश के अनुरूप अगर सरकार नहीं बनती तो जनमत का अपमान होता है। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठजोड़ से बनी सरकार का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां ऐसी सरकार बनी, जिसके लिए कभी जनादेश मिला ही नहीं था, नतीजा यह हुआ कि वह औंधे मुंह गिर गई। अब भाजपा की येदुरप्‍पा सरकार बनी तो इस उपचुनाव में उसकी अग्निपरीक्षा हो रही थी। लोग कहते थे कि हम दक्षिण में कमजोर हैं, वहां हमारा कुछ नहीं हो सकता।

पीएम ने यहां जनता से जुड़ते हुए कहा कि यह बताते हुए मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि हमने कर्नाटक के उपचुनाव में कांग्रेस से वे सीटें छिन लीं, जहां 70 साल से वह जीतती आई थी। बड़े-बड़े दिग्‍गजों को यहां हमारे सामान्‍य कार्यकर्ता ने धूल चटा दी। महाराष्‍ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के मेल से बनी नई सरकार को नसीहत देते हुए पीएम ने कहा कि जनादेश के अपमान को जनता कभी नहीं भूलती। उसे जब मौका मिलता है जमकर पलटवार करती है।

पीएम ने अपने संबोधन में जनता-जनार्दन को महान बताते हुए नमन किया और यह बताने की भरसक कोशिश की कि महाराष्‍ट्र में जो हुआ उसका फैसला भी समय आने पर जनता कर्नाटक की तर्ज पर करेगी। पीएम ने सोमवार को यहां दो महती चुनावी सभाओं में साफ संदेश देते हुए कहा कि जिस तरह कर्नाटक ने गद्दारों को सब‍क सिखाया है, उसी तरह कांग्रेस के साथ बेमेल गठबंधन बनाने वालों को जवाब दिया जाना चाहिए। उन्‍होंने झारखंड के वोटरों से कांग्रेस, झामुमो, राजद आदि दलों के महागठबंधन को खारिज करने की अपील की।

कर्नाटक का बहाना, झारखंड पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण भारत के कर्नाटक और पूर्वी भारत के झारखंड के राजनीतिक कनेक्शन को अपने संबोधन के दौरान कुछ इस अंदाज में पिरोया कि दोनों राज्यों के राजनीतिक रिश्तों के तार आपस में जुड़ते दिखे। आक्रामक मोदी ने कर्नाटक के बहाने झारखंड पर निशाना साधा। कांग्रेस को वहां भी कठघरे में खड़ा किया और यहां भी। झारखंड में प्रधानमंत्री की पहले और दूसरे चरण में भी दो-दो जनसभाएं हुईं थीं, लेकिन कांग्रेस को लेकर जितने आक्रामक वे इस बार दिखे उतने पहले नहीं थे। उन्होंने कर्नाटक में पर्दे के पीछे से सरकार बनाने का विस्तार से जिक्र किया तो अपने संबोधन का समापन झारखंड से किया। निशाने पर कांग्रेस ही रही।

सहयोगी रही शिवसेना को भी झारखंड से दिया पैगाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कर्नाटक में गद्दारी करने वालों को जनता ने सबक सिखाया। कहा, अगर कोई जनादेश के खिलाफ जाएगा और जनता से विश्वासघात करेगा तो पहला मौका मिलते ही जनता उसे पूरी सजा देगी। उनका साफ इशारा महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस के ताजा गठजोड़ की ओर था। इस बीच त्रिशंकु परिणाम का जिक्र कर उन्होंने जनता को पूर्ण बहुमत की सरकार चुनने के लिए भी प्रेरित किया।

कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, त्रिशंकु परिणाम आते हैं तो कर्नाटक की तरह तबाह करने वाले मैदान में आ जाते हैं। मोदी ने यूपीए गठबंधन में यह कहकर दरार पैदा करने की भी कोशिश की कि कांग्रेस अपने मतलब के लिए गठबंधन और जनादेश का उपयोग करती आई है। अपने हित के लिए अपने सहयोगियों की कठपुतली की तरह उपयोग करती है।

जनता को चेताया भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डबल इंजन की सरकार के फायदे गिनाए तो यह बताने से भी नहीं चूके कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने में दिक्कत हो रही है। कहा, वहां की सरकारों को लगता है कि अगर लाभ दिया तो किसान के घर में मोदी-मोदी होगा। इसलिए वे किसानों तक पैसे जाने नहीं देते। यह भी कहा कि यदि गलती से ये लोग आ गए तो आप समझ लेना मैं जो दिल्ली से भेजूंगा वह आप तक आने नहीं देंगे।

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