रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Election 2019 झारखंड में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को बचाए रखने के लिए इस्तेमाल किए गए तमाम फार्मूले ध्वस्त हो गए। न भाजपा झुकी और न आजसू रुकी। नतीजा समाने है। गठबंधन टूट चुका है, लेकिन दोनों ही दल इसके फूटने का ठीकरा अपने सिर लेने को राजी नहीं हैं। शुक्रवार को ऑल झारखंड स्‍टूडेंट यूनियन (आजसू) ने घाटशिला से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू समेत छह प्रत्याशी की सूची जारी कर भाजपा को एक और झटका दिया है। इधर, आजसू से चोट खाई भाजपा ने प्लान 'बी' पर अमल शुरू कर दिया है। उम्मीदवारों की अगली सूची पर मंथन जारी है। भाजपा अपनी अगली सूची शनिवार को जारी कर सकती है।

अब तक संयमित रहे भाजपा-आजसू के बीच रिश्तों की तल्खी दबी ही सही, अब जुबान पर आने लगी है। भाजपा के चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश माथुर और आजसू प्रमुख सुदेश महतो की मीडिया से औपचारिक बातचीत में यह साफ दिखा। शुक्रवार को रांची पहुंचने के बाद माथुर ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान गेंद आजसू के पाले में फेंकी। बोले, हम आजसू के रुख का इंतजार कर रहे हैं।

हमारी नौ सीटें अभी भी शेष हैं, निर्णय उन्हें लेना है। हम चुनाव में सौहार्दपूर्ण तरीके से जाना चाहते हैं और गठबंधन भी बनाए रखना चाहते हैं। फ्रेंडली फाइट जैसे विकल्प की बात उन्होंने एक बार फिर दोहराई। भाजपा की रणनीति पर कहा कि हमारी रणनीति कभी फेल नहीं होती। भाजपा 65 पार का आंकड़ा पार करेगी, 23 दिसंबर को देख लीजिएगा।

इधर, माथुर की मीडिया से बातचीत के कुछ ही घंटे बाद आजसू ने मिलन समारोह का आयोजन कर अपने इरादे साफ कर दिए। संकेत साफ था कि उसे भाजपा का फार्मूला मान्य नहीं है। शुक्रवार को बुलू रानी सिंह सरदार और हरेलाल महतो के शामिल कराया गया। देर शाम छह प्रत्याशियों की सूची में इन्हें उम्मीदवार भी बना दिया। गठबंधन के सवाल पर आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन तंज कसते हुए कहा कि शिखर पर रहने वाले बड़े दल नीचे देखने से कतराते हैं।

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