रांची, [जागरण स्‍पेशल]। झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा में चंद दिन बचे हैं। चालू माह सितंबर के आखिरी हफ्ते में यहां चुनाव की तारीखों का एलान संभव है। ऐसे में जैसे-जैसे चुनाव की घोषणा के दिन नजदीक आ रहे हैं। नेताओं की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस में नए प्रदेश अध्‍यक्ष के आने के बाद गजब की चुप्‍पी छाई है। लगता है जैसे तूफान के पहले की खामाेशी हो। इधर झामुमो भी नए विधानसभा भवन के उद्घाटन में नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेने की अनदेखी से आग बबूला है। इस बीच भाजपा फिर से सत्‍ता तक पहुंचने की हर कोशिशों में जुटी है। आइए जानते हैं झारखंड की सत्ता के गलियारे से...

सेल्फी के दीवाने नेताजी
कोयलांचल के माननीय के सेल्फी के दीवानगी राज्य के सबसे बड़ी पंचायत के उद्घाटन में सामने आ गई। हकीकत तो यह है कि यह दीवानगी सिर्फ सेल्फी की नहीं, पीएम के साथ सेल्फी की थी। लेकिन हमेशा विवादों में रहे नेताजी को यह नसीब नहीं हो सका। पीएम के साथ फोटो खिंचवाने का प्रयास तो बहुत किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। एक बार तो बड़ी पंचायत के मुखिया को ही बगल कर दिए। उनके इस दीवानगी की चर्चा बाद में भी होती रही। लेकिन दीवानगी से अधिक उनके इसमें विफल रहने की। 

राजनीति में सब जायज है
लालटेन की टिमटिमाती लौ को उसके हाल पर छोड़ हजारों बाग वाले शहर के राणाजी ने नई दुनिया बसा ली है। साहब राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। वक्त की नजाकत को दूर से ही भांप लेते हैं। उनकी चादर कितनी लंबी है, खुद भी जानते हैं और उनके सिपहसालार भी। फिर क्या, झट मंत्रणा की और पट से प्रस्ताव जारी कर दिया। विपक्षी दलों ने सम्मान दिया तो उनके हो जाएंगे, सत्ताधारी दलों ने बुलाया तो उनके गीत गाएंगे। यह देख बगलगीर कहता है, चुनाव नजदीक आता देख साहब ने गोटी सेट कर ली है। राजनीति में सब जायज है, कहावत फिर से हिट कर दी है।

Posted By: Alok Shahi

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