रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 बोकारो में कांग्रेस कुआं और खाई के बीच फंसती दिख रही है। कांके विधानसभा क्षेत्र के अलावा कार्यकर्ताओं ने बोकारो के उम्मीदवार का भी जमकर विरोध किया था और यहां से भी उम्मीदवार बदलने का दबाव आलाकमान पर है। समरेश सिंह के परिवार से तीन-तीन दावेदार हैं और तीनों नई दिल्ली में ही कैंप कर रहे हैं। बड़ी बात यह कि परिवार के सदस्यों में आपस में ही उम्मीदवार बनने की होड़ है। दूसरी ओर, उम्मीदवार बदलने की स्थिति में एक जाति विशेष के खिलाफ संदेश जाने का अंदेशा भी है जिससे पार्टी के प्रति उक्त जाति के मतदाताओं का मोह भंग हो सकता है।

बोकारो में कुछ महीनों पूर्व समरेश सिंह की दो बहुएं श्वेता सिंह और परिंदा सिंह अलग-अलग समय में कांग्रेस का दामन थाम सक्रिय हुई थीं। कई बार विधायक रहे और मंत्री तक बन चुके समरेश सिंह का आशीर्वाद अपनी दोनों बहुओं में से किसको है, अभी यह स्पष्ट नहीं है। इस बीच, उनके छोटे पुत्र संग्राम सिंह भी दिल्ली में डटे हुए हैं।

समरेश सिंह लॉबी की कोशिश है कि टिकट उनको मिल जाए और वर्तमान में घोषित उम्मीदवार को कांके की तर्ज पर वापस लिया जाए। इस परिस्थिति में भी कांग्रेस फंसती दिख रही है। फिलहाल कांग्रेस के पास आगे कुआं और पीछे खाई की नौबत आती दिख रही है। देखना यह है कि पार्टी अपने फैसले पर अडिग रहती है या उम्मीदवार बदलने का फैसला लेती है।

Posted By: Alok Shahi

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