निरसा, जेएनएन। निरसा विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को भाजपा के दो नेताओं का मिलन हुआ। झारखंड प्रदेश भाजपा के प्रशिक्षण प्रमुख गणेश मिश्र और भाजपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता का मिलन देखने लायक था। सेनगुप्ता ने गणेश के चरणों को पकड़कर जीत का आशीर्वाद मांगा। जवाब मिला-तथास्तु! हालांकि मिश्र ने मन से आशीर्वाद दिया या सिर्फ औपचारिकता का निर्वहन किया, यह कहना मुश्किल है।

दरअसल, झारखंड विधानसभा चुनाव- 2019 के लिए निरसा विधानसभा क्षेत्र से गणेश मिश्र का टिकट फाइनल माना जा रहा था। इसलिए कि 2014 के चुनाव में मिश्र 1035 वोटों के अंतर से चूक गए थे। आरएसएस की पृष्ठभूमि से आने वाले मिश्र ने चुनावी तैयारी भी शुरू कर दी थी। लेकिन, टिकटों की सूची जारी हुई तो उसमें उनका नाम गोल हो गया। भाजपा ने पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता को टिकट थमा दिया। इसके बाद मिश्र ने तो पार्टी का आदेश सर्वोपरि मानकर चुप्पी साध ली लेकिन उनके समर्थकों की नाराजगी छिपाए नहीं छिपी। इससे अपर्णा सेनगुप्ता परेशान थी। धनबाद जिले के तहत निरसा विधानसभा क्षेत्र में 16 दिसंबर को मतदान है।

राजनीतिक में स्थायी ताैर पर कोई दोस्त और कोई दुश्मन नहीं होता है। इसी लाइन पर चलते हुए सेनगुत्पा बुधवार सुबह निरसा स्थित मिश्र के आवास पर पहुंचीं। चरणस्पर्श पर आशीर्वाद दिया। मिश्र ने सेनगुप्ता को आशीर्वाद देते हुए कहा-निरसा में भाजपा की पहली जीत उनका सपना था। भाजपा की जीत से उनका सपना पूरा होगा।

Posted By: Mritunjay

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