मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

रेवाड़ी [महेश कुमार वैद्य]। Haryana assembly Election: केंद्रीय योजना व सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बुधवार को कोसली विधानसभा क्षेत्र के गांव नाहड़ में आयोजित अभिनंदन रैली में अपने विरोधियों पर जम कर वार किया। राव ने कहा कि मैं भाजपा का नाश नही होने दूंगा। भेड़ की खाल में कुछ भेड़िये भाजपा में घुस आए है। हमारी चली तो हम पार्टी में घुसे भेडियों को टिकट नहीं लेने देंगे। राव इंद्रजीत सिंह ने रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में पूरी आस्था व्यक्त करते हुए पिछले कुछ दिनों में उन पर लगते रहे तमाम आरोपों का विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने डहीना रैली में हुए हूटिंग प्रकरण से खुद को जोड़े जाने का ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ते हुए कहा कि नाराजगी व्यक्त करने के लिए मैं इस तरह के मंचों का सहारा नहीं लेता। मैं मुख्यमंत्री से सीधे उनके सामने ही अपनी बात रखने की हिम्मत रखता हूं। अगर मेरी नाराजगी होती तो खुद मुख्यमंत्री से ही अपनी बात कहता।

मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए लड़ाई नहीं
राव ने कहा कि वर्ष 2014 के चुनाव में निसंदेह वह भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लेकिन पार्टी ने किसी अन्य के पक्ष में फैसला लिया। अब मेरी लड़ाई मुख्यमंत्री पद की नहीं है। मैं अहीरवाल में समान विकास व नौकरियों में समान बंटवारे के लिए कांग्रेस में संघर्ष कर रहा था। केंद्र व राज्य सरकार ने मेरी भावनाओं का आदर किया है।

भावनात्मक कार्ड खेला
अभिनंदन रैली के मंच से राव इंद्रजीत सिंह ने एक बार फिर भावनात्मक कार्ड खेला। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच दशक में दक्षिण हरियाणा से भेदभाव होता रहा है। पहले परिसीमन आयोग में जहां कनीना सीट खत्म हुई, वहीं दूसरे परिसीमन आयोग में साल्हावास विधानसभा सीट का अस्तित्व खत्म किया। आयोग की इन संस्तुतियों के पीछे उन लोगों की साजिश रही है, जो इस अहीरवाल की चौधर को कमजोर करना चाहते थे।

बराबर विकास किया, बराबर नौकरी दी
राव ने कहा कि आज हम जहां पर है उसके पीछे आपकी संगठन शक्ति है। कांग्रेस से ना उम्मीद होकर हमने उस समय नरेंद्र मोदी के साथ कदमताल करने का फैसला लिया था, जब वह पीएम के उम्मीदवार भी नहीं बने थे। मोदी के सत्ता में आने की वजह से ही हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी। इस सरकार के गठन में हमारे जैसे उन नेताओं का भी हाथ रहा जो भाजपा में शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने बराबर विकास किया और बराबर नौकरी दी, जबकि पहले के मुख्यमंत्री केवल अपने हलकों की व अपने लोगों की चिंता करते थे।

राव का नए-पुराने पर यू-टर्न
केंद्रीय मंत्री ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि नए और पुराने भाजपाइयों में कुछ तो फर्क होना चाहिए। क्या भाजपा की तूती बोलते समय अब आने वाले नेताओं को उतनी अहमियत मिलनी चाहिए, जितनी हमारे समय में ज्वाइन करने वाले नेताओं को मिलनी चाहिए। इस बीच राव को याद आया कि उनके ही कुछ नए साथी पार्टी में आए है तो अपनी बात घुमाते हुए राव ने कहा कि पुरानों को भी इज्जत मिले और नए को भी। लेकिन हम भेड़ियों का समर्थन नहीं करेंगे।

आकर्षण का केंद्र रही आरती राव
रैली में आरती राव विशेष आकर्षण का केंद्र रही। अपनी बेटी आरती को राजनीति परिदृश्य पर आगे लाने के लिए ही राव अहीरवाल बेल्ट में रैलियों का सिलसिला जारी रखे हुए है। राव चाहते है कि उनकी बेटी आरती को पार्टी विधानसभा चुनाव लड़वाए।

इन मुद्दों पर दी सफाई
डहीना रैली में हुआ घटनाक्रम मीडिया ने मुझसे जोड़ दिया। भला यह कैसे संभव है कि मैं मुख्यमंत्री की तारीफ कर रहे विधायक को रोक दूं। जो कुछ हुआ वह टिकटार्थियों के बीच की बात थी। लोकसभा चुनाव में कोसली विधानसभा में पार्टी की मदद न करने के आरोप पर राव ने कहा कि मेरी उम्मीदों के अनुसार पार्टी को यहां एक लाख वोटों से जीत मिलनी थी। इससे कम वोटों से जीत की वजह दूसरे लोग है। लाेकसभा चुनाव-2014 में भी सोशल मीडिया पर कई बातें चली थी, लेकिन हमने ओमप्रकाश धनखड़ को बड़ी बढ़त दिला कर भेजा था।

मोदी-शाह की जोड़ी की बार-बार तारीफ 
राव ने अपने संबोधन में मोदी व अमित शाह की जोड़ी की बार-बार तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह मोदी के काम अौर नाम तथा शाह की मेहनत का परिणाम था, जिसके चलते भाजपा दूसरी बार पहले से अधिक ताकत के साथ 303 सीटें लेकर सत्ता में आई है। इस जनसमर्थन की बदौलत ही धारा-370 व 35 ए को खत्म किया गया जिससे सरहद पर शहादत का सिलसिला रूकने की उम्मीद बनी। इसका सर्वाधिक लाभ इस सैनिक बाहूल्य क्षेत्र को मिलेगा।

दिल्ली-NCR की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक

 

Posted By: JP Yadav

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप