जेएनएन, नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हरियाणा की राजनीति में नेताओं का एक दल से दूसरे दल में जाने और अपने लिए सुरक्षित राजनीतिक दुर्ग तलाशने का सिलसिला और तेज हो गया है। इस कड़ी में इनेलो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, हांसी से इनेलो के पूर्व विधायक सुभाष गोयल, कालका से पूर्व विधायक व पार्टी जिला अध्यक्ष प्रदीप चौधरी सहित पूर्व मंत्री व पिहोवा से इनेलो के पूर्व विधायक स्व. जसविंद्र सिंह संधू के बेटे गगनजोत सिंह इनेलो छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए।

इसके अलावा कलायत से निर्दलीय विधायक जयप्रकाश (जेपी) ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने की घोषणा रविवार सायं कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने की। आजाद के साथ प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद थे।

इंडियन नेशनल लोकदल में टूट के बाद पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक और नेताओं का दूसरे दलों में जाने का सिलसिला लोकसभा चुनाव से ही शुरू हो गया था। पार्टी के अब तक दस विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इनेलो के चार विधायक नवगठित जननायक जनता पार्टी में हैं। 2014 में इनेलो के कुल 19 विधायक जीते थे, इनमें से दो विधायकों जींद के हरीचंद मिढ्डा और पिहोवा के जसविंद्र सिंह संधू का निधन हो गया था। इनेलो में अब तीन विधायक पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला, ओमप्रकाश व वेद नारंग ही हैं।

टिकट की गारंटी पर कांग्रेस का थामा है दामन

इनेलो के विघटन के बाद विधायक रणबीर गंगवा लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हो गए थे। तब माना जा रहा था कि गंगवा को भाजपा हिसार लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाएगी, मगर भाजपा ने हिसार से पूर्व केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह के पुत्र बृजेंद्र सिंह को टिकट दिया। लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद इनेलो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने भी भाजपा नेताओं से राजनीतिक मुलाकात की थी। सूत्र बताते हैं कि उन्हें टिकट की गारंटी नहीं मिली। अब कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में यह कहा जा रहा है कि इन सभी नेताओं को पार्टी टिकट अवश्य देगी।

टिकट की गारंटी मिलने पर ही इन नेताओं ने कांग्रेस का हाथ थामा है। तीन बार सांसद रह चुके जेपी फिलहाल कलायत से निर्दलीय विधायक हैं। पिछले पांच साल से वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ जमे हुए हैं। हुड्डा को पार्टी की कमान मिलने के बाद जब जेपी को यह विश्वास हो गया कि अब उन्हें कांग्रेस का टिकट मिल जाएगा। इसके बाद वह पार्टी में शामिल हो गए। जेपी जींद उपचुनाव में भी कांग्रेस से अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे, मगर तब पार्टी ने रणदीप सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाया था।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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