जेएनएन, सिरसा। नेताजी का विश्वास मतदाताओं के साथ ही शुभ मुहूर्त पर भी है। नेता नामांकन से लेकर चुनाव प्रचार तक ज्योतिषियों व पुरोहितों से समय निकलवा रहे हैं। शुभ समय के हिसाब से ही नेताओं का कारवां चलता है। इलेक्शन में तो मंझे हुए पंडित जी भी अपनी कला दिखाते हैं और अपने हिसाब से सब कुछ तय करवाते हैं। अब नेताजी को भी फिर से शुभ मुहूर्त की याद आ गई है।

शुभ मुहूर्त के लिए नए पंडित जी के बजाय नेता जी को वही पुराने पंडित जी याद आ रहे हैं, जिनके पुराने निकाले मुहूर्त में उन्हें विजयश्री मिली थी। अब फिर मुहूर्त की बात आई तो नेताजी ने अपने खास को साफ कहा कि उन्हीं पंडित जी को लाना, जिन्होंने पहले मुहूर्त निकाला था। अब खास को याद नहीं कि तब किससे मुहूर्त निकलवाया था, इसलिए पुराने फोटोग्राफ देखकर पुरोहित जी को फिर याद कर लिया गया। अब नेता जी का नामांकन व चुनाव प्रचार का समय पंडित जी तय करेंगे।

रिश्तेदारों की सूची बनाने में जुटे पार्टी के कार्यकर्ता

चुनाव के इस मौसम में नेताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं को भी सहज वोट प्राप्ति का एक हथियार रिश्तेदारियों में भी नजर आता है। इसीलिए कार्यकर्ता उसी क्षेत्र में पड़ने वाले अपने रिश्तेदारों की सूची बना रहे हैं। किस कार्यकर्ता की रिश्तेदारी किस क्षेत्र में है और वहां कार्यकर्ताओं को भेजने के लिए ड्यूटी भी लगने लगी है। चुनाव को देखते हुए सक्रिय कार्यकर्ता सूची नेता जी के कार्यालयों को दे रहे हैं और नेताजी रिश्तेदारियों का हवाला देकर फोन करने लगे हैं। इसके साथ ही कार्यकर्ता नेताजी के कार्यालयों से रिश्तेदारों से मिलने के लिए उचित समय पूछ रहे हैं ताकि उनके बीच बैठकर वोट मांगा जा सके।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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