नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। Delhi Election 2020 : आधुनिक युग में मोबाइल जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। एक पल के लिए हम खाना खाए बिना रह सकते हैं, लेकिन मोबाइल से दूरी बर्दाश्त नहीं होती। रात में हम अपना फोन तकिए के नीचे रखकर सोते हैं। ऐसे में चुनाव के दिन पोलिंग स्टेशन तक मतदाता बिना फोन के कैसे जा सकते हैं। कहीं न कहीं यह एक बड़ा कारण है कि जिसके कारण अधिकांश मतदाता मतदान के लिए पोलिंग स्टेशन तक नहीं जाते।

चुनाव आयोग ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए इस बार हर पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं के मोबाइल को सुरक्षित रखने का प्रबंध किया है। हालांकि चुनाव आयोग की अपील है कि वे मतदाता कोशिश करें कि वे बिना मोबाइल के मतदान केंद्र पहुंचे। इसके बावजूद यदि कोई मतदाता मोबाइल लेकर मतदान केंद्र आता है तो वह बाहर बैठे बूथ लेवल ऑफिसर के पास मोबाइल को रखवा सकता है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, पोलिंग स्टेशन पर हर तरह की सुविधा का प्रबंध करने का पूरा प्रयास किया गया है, अब मतदाताओं केपास कोई बहाना नहीं है कि वे मतदान करने के लिए पोलिंग स्टेशन न पहुंचें। उम्मीद है कि इस बार 90 फीसद से ऊपर पहुंचेगा मतदान का ग्राफ। असल में सुरक्षा के लिहाज से मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होती है। वोटर स्लीप के पीछे भी इस बात का जिक्र होता है, लेकिन अधिकांश मतदाता पोलिंग स्टेशन पर मोबाइल लेकर पहुंच जाते हैं। वहां उन्हें जब मोबाइल अंदर ले जाने से रोका जाता है तो वे परेशानी में आ जाते है कि आखिर फोन को कहां रखें।

लोकसभा चुनाव के समय ऐसे कई मामले संज्ञान में आए थे। जो मतदाता अपने किसी जानकार के साथ मतदान केंद्र आते हैं, वे बारी-बारी से मतदान कर इस समस्या से पार पा लेते हैं। इसके अलावा जो वाहन से आते हैं, वे उसमें मोबाइल सुरक्षित रख देते हैं। जो अकेले या पैदल आते हैं, वे किसी अनजान को फोन दे नहीं सकते, क्योंकि उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं वह व्यक्ति फोन लेकर भाग न जाए। अब मजबूरी में मतदाताओं को मोबाइल रखने के लिए घर जाना पड़ता है। इनमें से कुछ मतदाता दोबारा मतदान के लिए नहीं लौटते हैं, इसका सीधा असर मतदान फीसद पर पड़ता है। इस समस्या का रुख करते हुए चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है।

Posted By: JP Yadav

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