नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi Election 2020 : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार रात दिल्ली के नेताओं व सांसदों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने दिल्ली के सियासी माहौल, पार्टी की तैयारी, बूथ प्रबंधन, मुद्दे और चुनाव प्रचार की रणनीति के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने दिल्ली के नेताओं को जीत की बारीकियां समझाने के साथ ही एकजुट होकर चुनाव प्रचार में जुटने का निर्देश दिया।

नामांकन पत्र जमा करने का काम मंगलवार को पूरा हो गया है। पार्टी का अकाली दल के साथ 21 वर्ष पुराना गठबंधन टूट गया है, जिससे सिख मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की चुनौती उसके सामने है। वहीं, पहली बार जनता दल यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी के साथ समझौता किया गया है। इस नए चुनावी समीकरण के फायदे व नुकसान पर भी चर्चा हो रही है। चुनाव को लेकर पार्टी की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया समाप्त होते ही शीर्ष नेतृत्व प्रदेश कार्यालय पहुंच गया।

इस विधानसभा चुनाव की तैयारी के सिलसिले में शाह पहली बार प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। उनके साथ पार्टी के अध्यक्ष नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी थे। उन्होंने दिल्ली प्रदेश भाजपा प्रभारी श्याम जाजू, अध्यक्ष मनोज तिवारी व अन्य नेताओं के साथ दिल्ली की चुनावी स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की। शाह ने पांच जनवरी को इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में दिल्ली के नेताओं को छोटी-छोटी सभाएं करके मतदाताओं तक पहुंचने की सलाह दी थी। नड्डा भी पिछले कई दिनों से विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।

अब प्रचार के लिए 15 दिन हैं और पार्टी चुनाव प्रचार व बूथ प्रबंधन में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है। इसलिए शाह व नड्डा खुद दिल्ली पर नजर रख रहे हैं। बैठक में दिल्ली प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, महामंत्री कुलजीत सिंह चहल व राजेश भाटिया भी मौजूद थे।

Posted By: JP Yadav

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