नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दिल्ली की सत्ता में 15 साल तक एकछत्र राज करने वाली कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति भी दर्ज नहीं करा पाई थी, लेकिन इस बार पार्टी स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा कर रही है। इस दावे में कांग्रेस कहां ठहरती है यह तो 11 फरवरी को ही पता चलेगा। लेकिन पार्टी ने 54 प्रत्याशियों की पहली सूची में अनुभव और युवा जोश का मिश्रण पेश किया है। शनिवार को जिन सीटों की कांग्रेस ने घोषणा की है, उसमें जहां पुरानों पर भरोसा जताया गया है वहीं नए चेहरों और युवाओं को भी मौका दिया गया है। पार्टी को भरोसा है कि अनुभव और नए जोश से भरपूर सफलता मिलेगी।

गौरतलब है कि 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई थी जबकि 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महज 8 सीटों पर सिमट गई थी। इस बार होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी नए जोश के साथ पुराने अनुभव को लेकर उतरी है। पार्टी द्वारा शनिवार को घोषित उम्मीदवारों में शीला सरकार में मंत्री रहे अरविंदर सिंह लवली, डॉ. अशोक वालिया सहित विधायक रहे चौ. मतिन अहमद, वीर सिंह धिगान, नरेंद्र नाथ, विपिन शर्मा, देवेंद्र यादव, जय किशन एवं पूर्व प्रत्याशी डॉ. नरेश कुमार को मौका दिया गया है। वहीं कांग्रेस से संबंधित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) से नीतू वर्मा सोईन, शुभम शर्मा, राजेश लिलोठिया को मौका दिया गया है। हरीकिशन जिंदल और गुरचरण सिंह राजू के रूप में जिलाध्यक्षों पर भरोसा जताया गया है तो चार पार्षदों मुकेश गोयल, अभिषेक दत्त, अमरलता सांगवान और सुरेंद्र कुमार सेतिया को भी चुनाव मैदान में उतारा है।

पहली सूची में से पार्टी ने 37 नए चेहरों को मैदान में उतारा है जबकि 8 नेताओं के बेटा-बेटी और पत्नी को टिकट दिया है। इनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं। कालकाजी से प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की बेटी शिवानी चोपड़ा, आर के पुरम से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष योगानंद शास्त्री की बेटी प्रियंका सिंह, मॉडल टाउन से पूर्व विधायक कुंवर करण सिंह की बेटी आकांक्षा ओला, मुस्तफाबाद से पूर्व विधायक हसन अहमद के बेटे अली मेंहदी व नांगलोई जाट से पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह के बेटे मनदीप सिंह का नाम भी शामिल है।

अंदरूनी गुटबाजी और बाहरियों के फेर में लटकी 12 सीट

54 प्रत्याशी घोषित करने और चार सीटें राजद को देने के बाद अब कांग्रेस के लिए 12 सीटें चुनौती बनी हुई हैं। यह वे सीटें हैं जिनमें कुछ पर पार्टी को अंदरूनी गुटबाजी का डर है तो कुछ पर पार्टी आम आदमी पार्टी के बागी विधायकों पर दांव लगाना चाह रही है। नई दिल्ली सीट से आप प्रत्याशी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी कांग्रेस अभी अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। इन सभी सीटों पर रविवार रात या सोमवार सुबह तक फैसला होने की संभावना है।

यह चार सीटें राष्ट्रीय जनता दल के पास

विस संख्या विस नाम

2. बुराड़ी

9. किराड़ी

37. पालम

70. करावल नगर

इन 12 सीटों पर अभी तय होने हैं उम्मीदवार

विस संख्या विस नाम

26. मादीपुर-

29. तिलक नगर-

31. विकासपुरी-

32. उत्तम नगर-

36. बिजवासन-

39. राजेंद्र नगर-

40. नई दिल्ली-

45. महरौली-

53. बदरपुर-

54. ओखला-

56. कोंडली-

66. घोंडा-

Posted By: JP Yadav

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