नई दिल्ली, जेएनएन। Delhi Assembly Election 2020: दिल्‍ली में विधानसभा चुनाव में करीब छह महीने से भी कम समय बचा है। वहीं, दिल्‍ली में एक बार फिर ऑड-इवेन लागू होने जा रहा है। इसके लिए दिल्‍ली सरकार फिर से तैयारी कर रही है। नवंबर में प्रस्तावित ऑड-इवेन को सफल बनाने के लिए सड़कों पर 5 हजार वॉलेंटियर्स रखे जाएंगे। इसके अलावा 2 हजार से अधिक प्राइवेट बसें भी किराये पर ली जाएंगी। इस योजना के दौरान यदि स्कूल बंद रहते हैं तो स्कूल बसों की भी सेवा ली जा सकती है।

व्‍यवस्‍था को बनाए रखना बड़ी चुनौती

ऑड-इवेन के दौरान सड़कों पर व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रहती है। एक जनवरी 2016 से 15 जनवरी और 15 अप्रैल 2016 से 30 अप्रैल तक दो बार लागू हो चुके ऑड-इवेन के दौरान सरकार को पूर्ण रूप से पुलिस का समर्थन नहीं मिला था।

दिल्‍ली सरकार कर रही तैयारी 

इस कारण दिल्ली सरकार अपनी ओर से पूरी तैयारी कर रही है। इसे लेकर 5 हजार से अधिक वॉलेंटियर्स तैनात करने की योजना है। वहीं 2 हजार बसें भी किराये पर लेने पर गंभीरता से विचार कर रही है। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहिया वाहन व महिला कार चालक ऑड-इवेन योजना से बाहर रखी जाएंगी। इसके अलावा सीएनजी चालित वाहनों को भी छूट मिलेगी। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत सोमवार रात से 29 सितंबर तक विदेश यात्रा पर यूरोप जा रहे हैं।

जुर्माने की राशि पर होगा विचार

इसलिए वह सोमवार को इस बारे में बैठक लेंगे। इस बैठक में ऑड-इवेन के लिए जुर्माना राशि 10 हजार रुपये व नो-एंट्री के लिए 20 हजार रुपये किए जाने पर फैसले लेने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि एक ही सेक्शन में दो तरह के जुर्माने को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है।

4 नवंबर से 15 नवंबर तक होगा लागू

बता दें कि प्रदूषण के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से दिल्ली में ऑड-इवेन नियम लागू करने का फैसला किया है। ऑड-इवेन नियम चार से पंद्रह नवंबर तक लागू रहेगा। चार नवंबर को 2, 4, 6 और 8 नंबर की गाड़ियां चलेंगी। पांच नवंबर को 1, 3, 5, 7 और 9 नंबर की गाड़ियां चलेंगी। इस योजना के तहत एक दिन ऐसे वाहन चलेंगे जिनके नंबर प्लेट की आखिरी संख्या सम होगी। अगले दिन वह वाहन चलेंगे जिनके नंबर प्लेट की आखिरी संख्या विषम होगी।

ऑड-इवेन का हो रहा विरोध

दिल्ली सरकार का नवंबर में ऑड-इवेन लागू करने के फैसले के विरोध में जंतर-मंतर पर हिंदूस्तान निर्माण दल ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए इसके राष्ट्रीय महासचिव शैलेंद्र जैन ने कहा कि जिन तिथियों पर सरकार इस लागू करना चाहती है उन तिथियों के बीच मे हिंदुओं के विवाह के मुहूर्त हैं। 8 नवंबर को देवउठनी एकादशी है उस दिन दिल्ली में 20 हजार से अधिक शादियां हैं। ऐसे में इस फैसले से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

Posted By: Prateek Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस