नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। विधानसभा चुनाव के लिए नामाकंन प्रक्रिया अगले सप्ताह पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों का प्रचार अभियान जोर पकड़ेगा। इस बार भाजपा, आप व कांग्रेस के स्टार प्रचारों की सूची से कई नाम गायब रहेंगे। इनमें से कुछ नेता राजनीतिक रूप से अब ज्यादा सक्रिय नहीं हैं तो कइयों ने आप से नाता तोड़ लिया है।

इन सब के बीच अहम बात यह है कि दिल्ली की राजनीति में दबदबा रखने वाले पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जैसे नेताओं के चेहरे नहीं दिखेंगे।

कांग्रेस के लिए शीला दीक्षित को भूल पाना आसान नहीं

भाजपा को इस चुनाव में अरुण जेटली व सुषमा स्वराज की कमी सबसे ज्यादा खलेगी। वहीं कांग्रेस के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भूल पाना आसान नहीं होगा। वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2012 तक लगातार 15 साल दिल्ली की सियासत में शीला शीर्ष पर बनी रहीं। यह उनका करिश्माई व्यक्तित्व ही था कि दो विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश कांग्रेस की कमान उनके हाथ सौंप दी थी। उसका फायदा भी कांग्रेस को मिला। वह लोकसभा चुनाव में भले ही दिल्ली में एक भी सीट नहीं जीत पाई लेकिन वोट फीसद के मामले में वह दूसरे नंबर पर रही।

वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय को सौंपी थी। उसमें शीला दीक्षित का भी नाम शामिल था। इसी तरह भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में 40 स्टार प्रचारों की सूची सीईओ कार्यालय को दी थी। इसमें अरुण जेटली, सुषमा स्वराज के

अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का नाम शामिल था, जो दिवंगत हो चुके हैं। सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित दो ऐसी महिला नेता थीं, जिनके मंच संभालते ही जनता मैदान से टस से मस नहीं होती थी और उन्हें सुनने के लिए घंटों इंतजार करती थी।

राजनीति में अब नहीं रही सक्रियता

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी व उमा भारती का भी नाम था, जो अब राजनीतिक रूप से ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। वहीं वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति होने के नाते चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लेंगे। ऐसे में भाजपा को इन नेताओं की कमी तो खलेगी ही, वहीं राज्य की जनता भी इनके धारदार भाषण को कहीं न कहीं याद करेगी।

आप में नहीं रहे ये नेता

पिछले विधानसभा चुनाव में आप के स्टार प्रचारकों की सूची में कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आशुतोष, आशीष खेतान, प्रोफेसर आनंद कुमार व एचएस फुलका का नाम शामिल था। योगेंद्र यादव व आशीष खेतान तो प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल थे, लेकिन अब इन सभी ने किसी न किसी वजह से पार्टी ही नहीं राजनीति से भी दूरी बना ली है। ऐसे में यह नेता इस बार प्रचार अभियान के दौरान दिखाई नहीं देंगे। अब पार्टी के स्टार प्रचारकों में इस बार कुछ नए नाम शामिल किए जाएंगे।

Posted By: Mangal Yadav

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