नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। Delhi Assembly Election 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव का आखिरकार ऐलान हो गया है। राज्य की सभी 70 सीटों पर आठ फरवरी को एक साथ वोटिंग होगी, जबकि चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को आएंगे। पिछले पांच चार महीनों में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड के बाद हो रहे इस चुनाव पर सबकी नजरें होंगी। 2015 में दिल्ली विधानसभा का चुनाव 7 फरवरी को हुआ था, जबकि नतीजे 10 फरवरी को आए थे। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर जीत दर्ज कर दी थी, जबकि बाकी की तीन सीटें भाजपा के खाते में गई थी। इस चुनाव में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल सकी थी।

कुल 30 दिनों में होगा चुनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 का ऐलान करते हुए कहा कि वैसे तो यह चुनाव कुल 30 दिनों का होगा, लेकिन इनमें प्रत्याशियों को प्रचार के लिए सिर्फ 15 दिन ही मिलेंगे। प्रत्‍याशियों को जनता तक पहुंचने के लिए ज्‍यादा प्रयास करने होंगे।

नामांकन की प्रकिया 14 जनवरी से शुरू होगी

चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि नामांकन की प्रक्रिया 14 जनवरी से ही शुरू हो जाएगी। जो 21 जनवरी तक चलेगी। 22 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 24 जनवरी होगी। चुनाव प्रक्रिया 13 फरवरी को खत्म हो जाएगी।

सुशील चंद्रा नहीं थे मौजूद

दिल्ली विधानसभा चुनाव के ऐलान के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ चुनाव आयुक्त अशोक लवासा भी साथ मौजूद थे। हालांकि दूसरे सहयोगी चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा इस दौरान मौजूद नहीं थे।

चुनाव के ऐलान के साथ ही आचार संहिता हुई लागू

मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि चुनाव के ऐलान के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। निगरानी शुरू हो गई है। एक फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से जुड़े सवाल पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इसे लेकर 2017 के सर्कुलर में सब साफ है। जिस राज्य में चुनाव है, उसका जिक्र बजट भाषण में नहीं होगा।

कांग्रेस भी लोकलुभावन वादों के साथ ताल ठोकने को तैयार

दिल्ली चुनाव ऐसे वक्त में हो रहा है जबकि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की तरफ से बड़ी घोषणाएं हुई हैं। बताया जा रहा है कांग्रेस भी लोकलुभावन वादों के साथ ताल ठोकने के लिए तैयार है। जबकि भाजपा मोदी के नाम पर चुनाव में उतरेगी। सीएए जैसे केंद्रीय कानून को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म है।

80 साल से ज्यादा ज्यादा उम्र के बुजुर्गो को मिलेगी पोस्टल बैलेट की सुविधा

चुनाव आयोग ने इस बार दिल्ली विधानसभा चुनावों में बुर्जुगों के लिए खास इंतजाम किया है। अस्सी साल या उससे ज्यादा उम्र के बुर्जुगों को इस बार पोस्टल बैलेट से वोटिंग की सुविधा मिलेगा। यानि वह घर बैठे ही अपना वोट डाल सकेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हालांकि इसके लिए नामांकन शुरु होने के पांच दिन के भीतर ऐसे सभी बुर्जुगों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

झारखंड चुनाव के समय आजमाया था प्रयोग 

चुनाव आयोग ने झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान सात विधानसभा क्षेत्रों में इस प्रयोग को आजमाया था, जो कि सफल रहा है। इसे देखते हुए अब इसे दिल्ली में भी आजमाने की फैसला लिया है। इसके साथ ही बुजुर्गो और विकलांगों को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए खास इंतजाम किए गए थे।

13 हजार से ज्यादा बूथों पर डालेंगे 1.47 करोड़ वोटर

चुनाव आयोग ने मतदाताओं की संख्या को देखते हुए इस बार पोलिंग बूथों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की है। वर्ष 2014 के मुकाबले 2019 में पोलिंग बूथों की संख्या में करीब 16 फीसद की बढ़ोत्तरी की गई है। इसके तहत दिल्ली में अब कुल 13750 पोलिंग बूथों पर मतदान होगा। जहां कुल 1.47 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। पोलिंग बूथों पर मतदाताओं के आसानी से पहुंचने और वोट डाल निकलने के लिए खास इंतजाम किए गए थे।

विधानसभा चुनाव कार्यक्रम

नामांकन शुरू होने की तारीख- 14 जनवरी, 2020 (मंगलवार)

नामांकन की अंतिम तारीख- 21 जनवरी, 2020

नामांकन पत्रों की जांच की तारीख- 22 जनवरी, 2020

नाम वापस लेने की तारीख- 24 जनवरी, 2020.

वोटिंग की तारीख- 08 फरवरी 2020 (शनिवार)

मतों की गिनती- 11 फरवरी 2020 ( मंगलवार)

चुनाव प्रक्रिया खत्म होने की तारीख- 13 फरवरी 2020

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Posted By: Prateek Kumar

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