नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में अनधिकृत कॉलोनियों में लोगों को मालिकाना हक देने का मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के अन्य नेता अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने को लेकर दिल्ली की जनता को गुमराह करने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। विधानसभा में बहस से सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए भाजपा विधायक विधानसभा में काम रोको प्रस्ताव लाएंगे, जिससे कि दिल्ली के 40 लाख लोगों से जुड़े मामले पर चर्चा हो सके। उन्हें उम्मीद है कि सत्ता पक्ष विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर देगा। मुख्यमंत्री यह कह रहे हैं कि जब लोगों के मकानों की रजिस्ट्री होने लगेगी तब वह केंद्र सरकार की बातों पर विश्वास करेंगे। जबकि केंद्र सरकार 16 दिसंबर से यह काम शुरू करने जा रही है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने कोई तैयारी नहीं की है। दिल्ली में कुल 21 सब रजिस्ट्रार है। एक सब रजिस्ट्रार कार्यालय औसतन एक दिन में दस रजिस्ट्री होती है। इस तरह से रोजाना लगभग दो सौ लोगों की रजिस्ट्री होगी। जबकि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की वेबसाइट पर लाखों लोग मालिकाना हक के लिए आवेदन करेंगे। इस हिसाब से दिल्ली सरकार ने कोई तैयारी नहीं की है।

लोगों को अपने मकान की रजिस्ट्री कराने में दिक्कत नहीं हो इसके लिए 40-50 अतिरिक्त काउंटर खोलने की जरूरत है। डीडीए हेल्प डेस्क भी स्थापित कर रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार लोगों की सहायता के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। प्रेस वार्ता में विधायक जगदीश प्रधान, पूर्व विधायक अनिल वाजपेयी एवं प्रदेश मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

दूषित पानी के मुद्दे पर भाजपा का प्रदर्शन

दूषित पानी की समस्या को लेकर भाजपा का प्रदर्शन जारी है। शनिवार को भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष सुनील यादव के नेतृत्व में कनॉट प्लेस, खान मार्केट और साउथ एक्सटेंशन पार्ट-2 में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि साफ पानी का वादा करके सत्ता में आने वाली सरकार पांच वर्षो में भी अपना वादा पूरा नहीं कर सकी। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। भारतीय मानक ब्यूरो की जांच में यहां का पानी पीने लायक नहीं है।

संगठन के प्रदेश मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि दिल्ली में न तो सांस लेने के लिए साफ हवा मिल रही है और न पीने के लिए शुद्ध पानी। बावजूूद इसके आम आदमी पार्टी (आप) सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है। समस्या हल करने के बजाय मुख्यमंत्री भारतीय मानक ब्यूरो की रिपोर्ट को गलत बता रहे हैं। यदि यहां साफ पानी की आपूर्ति हो रही है तो उन्हें जनता के बीच में जाकर नल से पानी लेकर पीना चाहिए। दूषित पानी की समस्या हल होने तक भाजपा इसे लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।

पानी पर आप ने केंद्र पर किया पलटवार

दिल्ली में पानी के सैंपल की जांच का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान द्वारा इस मुद्दे पर सीएम केजरीवाल को पत्र लिखे जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्रीय मंत्री पर पलटवार किया है। सांसद संजय सिंह ने कहा कि अगर पासवान आरओ कंपनी की पैरवी करने में व्यस्त नहीं होते तो प्याज पर ध्यान देते। लेकिन उन्होंने न तो प्याज पर ध्यान दिया और न ही पानी सैंपल की जांच पर ध्यान दिया। तभी तो दिल्ली में एक घर से पानी के सैंपल लिए बिना ही रिपोर्ट तैयार करवा दी। जल बोर्ड ने दिल्ली भर से पानी के एक लाख 55 हजार सैंपल की जांच की जिनमें से 98 प्रतिशत मानकों पर खरे उतरे।

Posted By: JP Yadav

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