नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। 22 दिसंबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से पहले कांग्रेस 14 दिसंबर को ही रैली कर दिल्ली में विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करने जा रही है। यह रैली भी रामलीला मैदान में ही की जा रही है। रैली को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं महासचिव प्रियंका वाड्रा सहित कई बड़े नेता संबोधित करेंगे। रैली में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि दिल्ली के मुद्दों को भी तरजीह दी जाएगी।

कांग्रेस की यह रैली मुख्यतया भाजपा पर हमला करने के लिए है, इसीलिए इसका नाम भी ‘भारत बचाओ रैली’ रखा गया है। रैली में महंगाई, बेरोजगारी और विकास दर इत्यादि मुद्दों को उठाया जाएगा। साथ ही स्थानीय मुद्दों में अनधिकृत कॉलोनियों, आप सरकार की तमाम विफलताओं और कांग्रेस की उपलब्धियों पर फोकस रहेगा। रैली में दिल्ली के साथ-साथ अन्य राज्यों के कार्यकर्ताओं को भी बुलाया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस इस रैली के जरिये अपनी एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन में भी जुट गई है। रैली को सफल बनाने के लिए आठ से दस समितियां बनाई गई हैं। इन समितियों में सभी गुटों के वरिष्ठ एवं युवा नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। रैली की तैयारी के लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। यह बैठकें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) के गुरुद्वारा रकाब गंज स्थित वार रूम में भी की जा रही हैं और प्रदेश कांग्रेस के स्तर पर भी।

दिल्ली कांग्रेस इस रैली के जरिये पार्टी के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अब चुनावी मोड में लाना चाहती है। दरअसल, तकरीबन एक माह के भीतर विधानसभा चुनाव की तारीख कभी भी घोषित हो सकती है। इसीलिए जहां एक ओर पार्टी दिल्लीवासियों की नब्ज टटोलने के लिए सर्वे करा रही है तो वहीं दूसरी ओर जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट देने के मंथन में जुट गई है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है। 14 तारीख की रैली के साथ औपचारिक तौर पर चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया जाएगा। इस रैली के बाद भी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा की कुछ रैलियों और रोड शो की योजना तैयार की जा रही है।

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