नई दिल्ली, एएनआइ/ जेएनएन। दिल्ली में  शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का गठबंधन टूट गया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर अकाली दल के स्टैंड की वजह से गठबंधन नहीं हो सका है। सिरसा ने कहा कि भाजपा शिअद बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से सीएए पर अपना स्टैंड बदलने की मांग कर रही थी। इससे इनकार करते हुए अकाली दल ने दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक सिरसा ने कहा कि उनकी पार्टी सीएए में सभी धर्मों को शामिल करने की मांग कर रही थी लेकिन भाजपा इसका विरोध कर रही थी।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल भी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) के खिलाफ है। हम चाहते हैं कि ऐसा कोई कानून नहीं होना चाहिए जो लोगों को कतारों में खड़ा करे। उन्होंने कहा कि यह एक महान राष्ट्र है और सांप्रदायिकता के लिए कोई स्थान नहीं है।

बता दें कि शिरोमणि अकाली दल ने नागरिकता संशोधन कानून का स्वागत किया था लेकिन उसकी मांग थी कि इसमें सभी धर्मों के लोगों को शामिल किया जाए। पार्टी परोक्ष रुप से मुस्लिमों को भी इसमें शामिल करने की मांग कर रही थी। 

भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ती रही है अकाली दल

बता दें कि इससे पहले भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (बादल) के साथ मिलकर चुनाव लड़ती रही है। गठबंधन के तहत राजौरी गार्डन, हरि नगर, कालकाजी और शाहदरा सीटों पर अकाली दल का उम्मदीवार उतरता था। इस बार अकाली दल की तरफ से दो अतिरिक्त सीटों की मांग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली भाजपा इसके पक्ष में नहीं थी। 

दिल्ली में  जेडीयू और एलजेपी से भाजपा ने किया गठबंधन

दिल्ली में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और राम विलास पास की पार्टी एलजेपी भी इस बार चुनाव लड़ रही है। भाजपा ने गठबंधन के तहत जेडीयू दो और एलजेपी को एक सीट दी है। 

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