मृगेंद्र पांडेय, रायपुर, नईदुनिया। चुनावी जंग से पहले नेता खुद को हर स्तर पर तैयार कर रहे हैं। सेहत भी इसमें शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के कई मंत्री व टिकट के दावेदार भाजपा नेता अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान दें रहे हैं। प्रचार में गांव-गांव, घर-घर पहुंचने के लिए तोंद पचाने और वजन कम करने पर खासा ध्यान है। कई नेता पांच से पंद्रह किलोमीटर पैदल चल रहे हैं तो कई नेता घर में ही जिम बनाकर पसीना बहा रहे हैं।

इन दिनों सोशल मीडिया में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा पर उनकी फिटनेस का मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के नेताओं ने भी अपनी फिटनेस का वीडियो शेयर किया है। सोशल मीडिया पर मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक की सेहत सुधारने की मुहिम की जमकर तारीफ हो रही है। प्रेमप्रकाश पांडेय ने पिछले छह महीने में दस से 15 किलो वजन कम किया है। प्रेमप्रकाश के करीबी नेताओं की मानें तो वे रोजाना 20 किलोमीटर ट्रेडमिल पर पैदल चल रहे हैं। अजय चंद्राकर भी रोजाना आठ से दस किलोमीटर पैदल चल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि चंद्राकर अपने दौरा कार्यक्रम में भी पैदल चलने का खास ध्यान रखते हैं। यही नहीं, चंद्राकर शाम को रोजाना सड़क पर पैदल चलते हैं। दौरे पर रहने के दौरान कई बार तो वे अपनी गाड़ी से उतरकर पैदल चलते हैं और उनकी गाड़ी पीछे-पीछे चलती है। अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक ने अपने घर में ही जिम बना लिया है। कौशिक ने सरकारी बंगले में ट्रेड मिल से लेकर मिनी जिम का सेट लगाया है। कौशिक के करीबी नेता बताते हैं कि वे जब भी समय मिलता है, कसरत करने से नहीं चूकते। दौरे पर रहने के दौरान जब वे देर रात घर पहुंचते हैं, तो पहले एक्सरसाइज करते हैं, फिर सोने जाते हैं। अमर ने अपने रायपुर स्थित सरकारी और बिलासपुर के घर में मिनी जिम तैयार करवाया है। यहां वे रोजाना दस से 12 किलोमीटर पैदल चलते हैं।

सेहत का चुनावी फंडा
बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा नेताओं ने खुद को फिट रखेन की कवायद दो तीन माह पहले से तेज कर दी है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फिटनेस चैलेंज का वीडियो सामने आने के बाद नेताओं का खासा ध्यान सेहत सुधारने पर लग गया था। प्रदेश स्तर से लेकर स्थानीय नेताओं ने या तो जिम जाना शुरू कर दिया, या फिर घर में ही मिनी जिम बना लिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोज चलती है 20 किमी की चुनावी यात्रा
ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभा में जनता से सीधा संपर्क करने के लिए उम्मीदवार और उनके समर्थक रोजाना 20 किलोमीटर तक की दूरी तय करते हैं। कई बार तो दुर्गम इलाकों में पैदल ही जाना पड़ता है। घर दूर-दूर होने के कारण नेताओं को समर्थकों के साथ पहाड़ी और नदियों के किनारे के क्षेत्र में भी पैदल ही संपर्क करना होता है।

Posted By: Ravindra Pratap Sing