रायपुर। छत्तीसगढ़ के चुनाव में इस बार कांग्रेस को उम्मीद से बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। आदिवासी बहुल सीटों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने खूब जोर लगाया था लेकिन सरगुजा से बस्तर तक इन सीटों पर कांग्रेस को ही फायदा मिला है। बस्तर संभाग की 12 में से 11 सीटों पर कांग्रेस जीतती दिख रही है।

दोपहर डेढ़ बजे तक चुनाव आयोग ने जो ट्रेंड दिया है उसमें कांग्रेस एकतरफा बढ़त बनाए हुए है। एक सीट दंतेवाड़ा में भाजपा करीब 5 सौ वोटों से आगे जरूर दिख रही है लेकिन उस सीट पर भी उलटफेर की पूरी गुंजाइश बनी हुई है। अभी चार राउंड के नतीजे ही आए हैं जबकि 14 राउंड तक गिनती होनी है। ऐसे में आगे के सभी राउंड में भाजपा की बढ़त बनी रह पाएगी यह कहना मुश्किल है।

दंतेवाड़ा सीट महेंद्र कर्मा का गढ़ है। उनकी मृत्यु के बाद 2013 में उनकी पत्नी देवती कर्मा यहां से विधायक चुनी गई थीं। इस बार भी देवती कर्मा कांग्रेस से मैदान में हैं जबकि उनके चिर परिचित प्रतिद्वंद्वी भीमा मंडावी भाजपा से मुकाबले में हैं।

बताया जा रहा है कि शुरूआती राउंड में जिन बूथों की ईवीएम मशीनें खुली हैं वहां पिछले चुनाव में भी भाजपा को बढ़त मिली थी, जबकि बाद में भाजपा हार गई थी। इसीलिए उम्मीद जताई जा रही है कि देवती कर्मा वोटों का अंतर खत्म कर आगे आ सकती हैं।

बीजापुर सीट पर प्रदेश के वन मंत्री महेश गागड़ा का मुकाबला कांग्रेस के विक्रम मंडावी से है। विक्रम शुरू से बढ़त बनाए हुए हैं। कोंटा सीट पर भाजपा तीसरे नंबर पर चली गई है, वहां सीपीआई और कांग्रेस के बीच कांटे का संघर्ष चल रहा है। एक बार कांग्रेस आगे होती है तो दूसरी बार सीपीआई। बस्तर संभाग की अन्य सीटों पर कांग्रेस को स्पष्ट लीड मिल चुकी है।

संभाग की एकमात्र सामान्य सीट जगदलपुर में भाजपा के विधायक संतोष बाफना कांग्रेस प्रत्याशी रेखचंद जैन से करीब 16 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। बस्तर सीट पर कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल बढ़त बनाए हुए हैं। कोंडागांव में कांग्रेस के मोहन मरकाम आगे हैं। उनकी मुकाबला भाजपा की लता उसेंडी से है।

नारायणपुर सीट पर भाजपा सरकार के मंत्री केदार कश्यप हारते हुए दिख रहे हैं। वे कांग्रेस के चंदन कश्यप से करीब तीन हजार वोटों से पिछड़ चुके हैं। केशकाल में संतकुमार नेताम कांग्रेस को बढ़त दिलाए हुए हैं। कांकेर सीट पर भाजपा ने युवा हीरा मरकाम को उतारा है। उनका मुकाबला रिटायर्ड आईएएस एसपी सोरी से है। सोरी कांग्रेस को बढ़त दिलाए हुए हैं।

अंतागढ़ सीट पर भाजपा के सांसद विक्रम उसेंडी का मुकाबला कांग्रेस के अनूप नाग से है। अनूप मामूली बढ़त बनाए हुए हैं। भानुप्रतापपुर पर कांग्रेस के मनोज मंडावी और भाजपा के देवलाल दुग्गा में कांटे का मुकाबला चल रहा है। चित्रकोट सीट पर कांग्रेस विधायक दीपक बैज भाजपा के लच्छू कश्यप से आगे चल रहे हैं।

बस्तर की सभी 12 सीटों पर कांग्रेस को फायदा मिलता दिख रहा है। अभी अंतिम नतीजे नहीं आए हैं। हालांकि बस्तर में कांग्रेस की जीत पिछली बार से भी बड़ी हो सकती है।

बस्तर से खुलेगी सत्ता की कुंजी

2003 और 2008 के चुनाव में भाजपा ने बस्तर से बढ़त बनाई थी और वहीं के बूते सरकार में आई। 2013 में भाजपा ने बस्तर की आठ सीटें गंवा दीं लेकिन मैदानी इलाकों में बढ़त बना ली। इस बार बस्तर फिर से कांग्रेस के पाले में जाता दिख रहा है। सरगुजा की आदिवासी सीटों पर भी कांग्रेस आगे है। माना जा रहा है कि इस बार भी बस्तर से सत्ता की कुंजी खुलेगी। 

पिछले विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का बढ़ा था शेयर

वर्ष          भाजपा      कांग्रेस

2003        43.1        33.25

किसके हिस्से कितने वोट

वर्ष                भाजपा           कांग्रेस           कुल मतदान

2003             414827         320089         962392

2008             469524         351005       1110894

2013             526969         559468       1301245

सीटों का हाल

वर्ष          भाजपा      कांग्रेस

2003         09            03

2008        10             01

2013        04             08

Posted By: Ajay Barve

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