रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का शपथ ग्रहण समारोह कई मायनों में खास बना। हालांकि बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा में शपथ लेने की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। दरअसल भूपेश छत्तीसगढ़ी भाषा में शपथ लेना चाहते थे लेकिन संवैधानिक पेंच के कारण राजभवन ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके लिए भूपेश बघेल की ओर से राजभवन को फोन किया गया लेकिन बघेल को ये बताया गया कि छत्तीसगढ़ी भाषा अनुसूची में शामिल नहीं है, इसलिए वे इस भाषा में शपथ नहीं ले सकते। बघेल को हिंदी में शपथ लेना पड़ी।

मुख्यमंत्री बघेल का शपथ ग्रहण समारोह राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में हुआ। समारोह में शामिल होने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी सहित सभी नेता समारोह स्थल पर पहुंचे। भूपेश ने मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ी भाषा में शपथ लेने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने इस संबंध में राज भवन फोन लगाकर प्रावधान के विषय में पूछा।

राजभवन से जानकारी मिली कि वे छत्तीसगढ़ी भाषा में शपथ नहीं ले सकते, क्योंकि संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल राज भाषाओं में छत्तीसगढ़ी भाषा शामिल नहीं है। 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में ही शपथ ग्रहण का प्रावधान है। चूंकि छत्तीसगढ़ी भाषा को अभी राजभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं है और ये 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में से शामिल नहीं है, इस कारण भूपेश को छत्तीसगढ़ी भाषा में शपथ लेने की अनुमति नहीं मिली। लिहाजा उन्होंने हिन्दी भाषा में ही शपथ ली।

Posted By: Rahul.vavikar

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