जागरण संवाददाता, छपरा : सारण जिले में चुनाव कार्य के लिए वाहनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए परिवहन विभाग रणनीति बनाकर कार्य कर रही है।

चुनाव को ले जिला वाहन कोषांग 24 घंटे कार्य कर रहा है। चुनाव में वाहनों की कोई कमी नहीं हो, इसको लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी है। वाहन प्रबंधन एवं सुगम कोषांग की बैठक में नोडल पदाधिकारी, जिला वाहन कोषांग सह जिला परिवहन पदाधिकारी माधव कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन कार्य के लिए स्कूली बसों के अधिग्रहण के लिए सभी निजी स्कूलों के प्रबंधकों -संचालकों को नोटिस निर्गत किया जा चुका है। जिला स्तर पर पांच टीमें बनाकर जिला वाहन कोषांग में प्रतिनियुक्ति पदाधिकारियों को सभी स्कूलों में भेजा गया था। अभी तक जिले के तीन सौ 43 विद्यालयों की बसें एवं छोटी गाड़ियों को चिन्हित किया गया है। वाहनों के अधिग्रहण संबंधित नोटिस तत्काल भेज दिया गया है। साथ ही सभी स्कूलों के प्रबंधक- संचालकों को एवं अन्य बस स्वामियों से व्यक्तिगत तौर पर भी टीम के पदाधिकारी मिल चुके हैं। वाहन नहीं देने पर प्राथमिकी की जाएगी। जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि कुछ स्कूल संचालकों के स्तर पर आनाकानी की जा रही है। संचालक अपने वाहन को बेच देना, वाहन खराब होना, ड्राइवर का नहीं होने का बहाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरपीएक्ट के तहत कॉमर्शियल में निबंधित वाहनों के मालिकों को गाड़ी सही हालत में एवं ड्राइवर के साथ निर्वाचन के कार्य में भेजना अनिवार्य है। नियम का उल्लंघन करने पर आरपीएक्ट के सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। निर्धारित तिथि तक वाहन जमा करना अनिवार्य

टीडीओ ने बताया गया कि सभी स्कूल के प्रबंधक एवं संचालक अपने वाहन को 28 अक्टूबर के पूर्वाहन में जय प्रकाश विश्वविद्यालय परिसर में बने डिस्पैच सेंटर में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उसी दिन अपराह्न में वाहनों की उपलब्धता की समीक्षा जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी के स्तर पर की जायेगी।वाहन उपलब्धम नही कराने वाले स्कूलों के विरूद्व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी डीएम के स्तर पर पहले ही दिया गया है। उन्होंने कहा कि

चुनाव कार्य में होने वाले वाहनों के चालक एवं सह चालकों को भोजन के लिए प्रतिदिन के 300 रुपये दिये जायेंगे।

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