अरविंद शर्मा, पटना। बिहार के महासमर में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार है। 23 अक्टूबर को उनकी पहली जनसभा है। राजग के कार्यकर्ता खास तौर पर इस सभा का इंतजार इसलिए कर रहे कि गठबंधन की एकजुटता और भाजपा-लोजपा के रिश्तों को लेकर प्रधानमंत्री क्या कहते हैं। प्रधानमंत्री की चुनावी रैलियों से राजग के सुकून का गहरा रिश्ता है। दरअसल, लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के बयानों से भ्रम का भाव और फैल रहा है। प्रधानमंत्री रोहतास जिला के सासाराम से रैलियों का आगाज करने जा रहे हैं, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी शिरकत करना है। राजग के नेता आश्वस्त हैं कि इसी जनसभा के साथ ही सियासत में फैल रही सारी गलतफहमियों पर विराम लग जाएगा। 

जदयू को प्रधानमंत्री की पहली सभा का इंतजार

भाजपा से ज्यादा जदयू को बेसब्री है। जदयू को प्रधानमंत्री की पहली सभा का इंतजार इसलिए है कि रोहतास जिले की कुल सात विधानसभा सीटों में पांच पर उसके ही उम्मीदवार हैं। भाजपा के पास सिर्फ दो सीटें हैं। खास यह भी कि भाजपा के दो बड़े कद के बागी भी इसी क्षेत्र से जदयू प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं। सासाराम में खुद रामेश्वर चौरसिया हैं और दिनारा में राजेंद्र सिंह। पाला बदलने के पहले तक दोनों को भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार किया जाता था, लेकिन अभी लोजपा के टिकट पर जदयू प्रत्याशियों की परेशानी बढ़ाने में जुटे हैं। 

बागियों का बोलबाला

प्रधानमंत्री की सासाराम रैली से आसपास के जिलों के 25 विधानसभा क्षेत्रों को वर्चुअल तरीके से जोड़ा गया है। इनमें दोनों दलों की भागीदारी 12-12 सीटों की है और एक सीट वीआइपी के हिस्से में। जमीनी रिपोर्ट है कि लोजपा के टिकट पर भाजपा और जदयू के सबसे ज्यादा बागी इन्हीं 25 सीटों पर हैं। रोहतास में रामेश्वर चौरसिया और राजेंद्र सिंह की खुली बगावत के अलावा भितरघात का भी खेल है। आरा में भाजपा के बागी हाकिम प्रसाद हैं। संदेश में लोजपा के टिकट पर भाजपा महिला मोर्चा पदाधिकारी श्वेता सिंह मैदान में उतर आई हैं। कई सीटों पर जदयू अपने ही बागियों से परेशान है। डुमरांव में जदयू ने विधायक ददन पहलवान को बेटिकट कर दिया तो निर्दलीय ही ताल ठोक दी। जगदीशपुर में श्रीभगवान सिंह जदयू के बागी हैं। टिकट नहीं मिला तो लोजपा से उतर गए। 2015 के विधानसभा चुनाव में राजपुर से भाजपा के प्रत्याशी रह चुके विश्वनाथ राम को अबकी कांग्र्रेस ने प्रत्याशी बना दिया है। वीआइपी के हिस्से में गई प्रथम चरण की एकमात्र सीट ब्रह्मïपुर पर हुलास पांडेय भी ताल ठोक रहे हैं। पहले जदयू के विधान पार्षद थे। अबकी लोजपा ने उन्हें अंगीकार कर लिया है। 

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