भागलपुर, जेएनएन। पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र के शेरमारी बाजार स्थित तान्या कुशल युवा प्रशिक्षण केंद्र परिसर में दैनिक जागरण की ओर से 'नीतीश तक सिमटी लड़ाई : लाओ बनाम हटाओ बना मुद्दा' विषय पर पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। जिसमें समाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने गहन चर्चा की तथा कुछ वक्ताओं ने सर्वांगीण विकास के लिए राज्य में सत्ता की जगह व्यवस्था परिवर्तन पर जोर दिया। जबकि कुछ वक्ताओं ने सत्ता परिवर्तन की जरूरत पर बल दिया।

किसान श्री पुरस्‍कार से सम्मानित बसंतपुर निवासी वैदेही शरण सिंह ने कहा कि भारत गांव का देश है, यहां पर 75 फीसद जनता खेती पर जीवित हैं। इसीलिए खेती में परिवर्तन लाना जरूरी है। सड़क की हालत काफी खराब है। शिक्षा स्वास्थ्य की व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। सरकार ने आम और लीची को विदेशों तक  भेजा जाना सराहनीय कार्य है लेकिन हमारे यहां रोड और रेल की व्यवस्था नहीं होने की वजह से हम माल बाहर नहीं भेज पाते हैं। सर्वांगीण विकास के लिए सरकार नहीं व्यवस्था बदलनी चाहिए। सेवानिवृत्त शिक्षक हुजूरनगर व वर्तमान शेरमारी निवासी जयराम तिवारी ने कहा कि हर चीज को आलोचना का विषय बना लेना उचित नहीं है। कोई भी ऐसी व्यवस्था सरकार या राज्याधिकार ऐसा नहीं होता जिसमें अच्छाई और बुराई नहीं होती। उन्होंने कहा कि गांधी जी का कहना था, अंत कर लेना ही निर्माण नहीं होता। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर कहा कि जहां तक कोई सरकार नहीं पहुंच सकी, वहां  अभी शिक्षा का संबंध है। भले ही आंतरिक रूप से कमजोरी दिखाई देती हैं, लेकिन आईएएस, पीसीएस आदि की परीक्षा और उसके परिणाम को देखने के बाद बिहार का स्थान सर्वोच्च पाया जाता हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन से सुधार और जनकल्याण नहीं संभव होता है। व्यवस्था में सुधार की जरूरत है सरकार की नशा निषेध बाल विवाह पर रोक उत्तम प्रयास है इसी तरह शिक्षा स्वास्थ्य एवं किसानों के लिए कृषि में प्रयास की जरूरत है। पूर्व मुखिया सुंदरपुर निवासी मो मोजाहिद ने सत्ता परिवर्तन पर बल देते हुए कहा कि जनता को काम चाहिए इस सरकार में सड़क की स्थिति बदहाल है शिक्षा स्वास्थ की व्यवस्था ठीक नहीं है 10 साल बीतने को है पीरपैंती में बनाने वाला एनटीपीसी का काम पूरा नहीं हो सका है। हमारे यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पीरपैंती से भागलपुर तक जाने के लिए ना रोड है और ना ही ट्रेन की व्यवस्था। किसान भी इस सरकार में त्राहिमाम हैं।

युवा समाजसेवी व्यवसाई पीरपैंती बाजार निवासी बुलबुल सिंह ने कहा कि बिहार में पूर्णरूपेण सत्ता परिवर्तन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 साल के शासनकाल में बिहार में विज्ञापन पर ही विकास हुआ है लेकिन धरातल पर विकास नहीं नहीं जिसका ताजा उदाहरण है आज भागलपुर से पीरपैंती के लिए ना ही रोड है ,और ना ही कोई ट्रेन। अस्पताल है लेकिन डॉक्टर नहीं। शिक्षा व्यवस्था चौपट है, बिजली का बिल भी ज्यादा आता है। मुख्यमंत्री सात निश्‍चय योजना में लूट मची है। व्यवसायियों के लिए भी केंद्र से लेकर राज्य सरकार परेशानी बढ़ा कर रख दी है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य किसान सगुनी निवासी मनोज अग्निहोत्री ने कहा कि बिहार के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचति हैं। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। पीरपैंती बाजार निवासी टुनटुन दुबे ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कोई खास काम नहीं हुआ है। मक्का किसान काफी परेशान है। अधिवक्ता महेशराम निवासी ज्ञानमोहन प्रसाद लाल ने कहा कि सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन होना चाहिए। चुनावी घोषणा अनुसार सरकार उसका अक्षर सह पालन करें।  व्यवस्था के मुद्दे पर विकास के नाम पर जो सार्वजनिक हित में है, वह अभी भी हमारे क्षेत्र आधा अधूरा है। सरकार को महंगाई बेरोजगारी एवं भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करना होगा। व्यवसायी शेरमारी बाजार निवासी प्रवीण वर्णवाल ने कहा कि सत्ता नहीं  व्यवस्था परिवर्तन  होनी चाहिए। घोषणा को धरातल पर उतरना चाहिए। शेरमारी बाजार निवासी पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कृषि के लिए में समुचित विकास की दरकार है।

 

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