गुवाहाटी, नीलू रंजन। एनआरसी और सीएए को लेकर भाजपा बनाने में संतुलन में जुटी है। बंगाल में सीएए को लागू करने का वादा कर रही भाजपा के असम घोषणापत्र में इस पर चुप्पी है। हालांकि, सही तरीके से एनआरसी लागू कर असम के मूल लोगों के हितों की रक्षा का वादा किया गया है। घोषणापत्र जारी करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा की अगली सरकार असम को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए मिशन ब्रह्मपुत्र शुरू करेगी, अगले पांच साल में 10 लाख युवाओं के लिए नौकरी का बंदोबस्त करेगी, बच्चों की मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ आठवीं कक्षा से उन्हें साइकिल देगी।

अवैध घुसपैठियों की पहचान को प्राथमिकता

सीएए की जगह एनआरसी को घोषणापत्र में शामिल करते हुए भाजपा ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों की पहचान और असम के मूल निवासियों के हितों को सुरक्षित करना उसकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा। जेपी नड्डा ने कहा कि एनआरसी को सही तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि असली घुसपैठियों की पहचान हो सके। नड्डा ने कहा घुसपैठ रोकने के लिए भाजपा सीमा पर बाड़ लगाने के काम को तेज करने के साथ ही अत्याधुनिक उपकरण भी लगाएगी।

वंशवाद पर कसा तंज

कांग्रेस के घोषणापत्र में सीएए लागू नहीं करने के वादे और भाजपा की इस पर चुप्पी के बारे में पूछे जाने पर जेपी नड्डा ने कांग्रेस में वंशवाद को लेकर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जब बच्चों के हाथ में पार्टी थमा दी जाती है तब ऐसा ही होता है। राहुल गांधी और गौरव गोगोई की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सीएए की समझ नहीं होने के कारण कांग्रेस के घोषणापत्र में इसे नहीं लागू करने का वादा किया गया है। उनके अनुसार सीएए एक केंद्रीय कानून है और राज्य का कोई भी कानून उससे ऊपर नहीं हो सकता है। बदरुद्दीन अजमल के साथ कांग्रेस के समझौते को भी उन्होंने कांग्रेसी नेताओं की इसी नासमझी का परिणाम बताया। नड्डा ने कहा कि 2006 में तरुण गोगोई ने बदरुद्दीन अजमल को पहचानने से इनकार कर दिया था और उन्हीं के बेटे गौरव गोगोई समझौता कर रहे हैं।

युवाओं-महिलाओं का विशेष ध्यान

भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र में युवाओं और महिलाओं का विशेष ध्यान रखा है। युवाओं के लिए अगले पांच साल में 10 लाख नौकरियों का वायदा करते जेपी नड्डा ने कहा कि इनमें दो लाख नौकरियां सरकारी होंगी। दो लाख सरकारी नौकरियों में से एक लाख अगले साल 31 मार्च तक दे दी जाएंगी। इसी तरह युवाओं में उद्यमिता के विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण और सहयोग मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए स्वामी विवेकानंद असम यूथ एंप्लायमेंट योजना शुरू की जाएगी और पांच साल में 10 लाख युवाओं को उद्यमी बनाया जायेगा। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अरुणोदय योजना का इस्तेमाल किया जाएगा। इस स्कीम के तहत 30 लाख गरीब परिवारों को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक मदद दी जायेगी। अभी केवल 850 रुपये की मासिक सहायता ही मिलती है। यह राशि परिवार की महिला के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

असम घोषणापत्र की खास बातें

-असम के 10 लाख युवाओं को नौकरी देने और 10 लाख को उद्यमी बनाने का वादा

-30 लाख परिवारों की महिलाओं को हर महीने मिलेगी 3000 रुपये की आर्थिक सहायता

-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने पर होगा विशेष ध्यान, लगाए जाएंगे आधुनिक उपकरण

-असम को बाढ़मुक्त बनाने के लिए

 

Edited By: Arun Kumar Singh