भारत में स्कूटर की बिक्री में ज़बर्दस्त वृद्धि दर्ज की जा रही है। जहां एक ओर मोटरसाइकिल की बिक्री में गिरावट दिख रही है तो वहीं ऑटोमैटिक स्कूटर्स की बिक्री टॉप गियर में है। गर्ल्‍स को राइडिंग का बहुत शौक होता है। कहीं आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांस्पोर्ट या किसी और पर डिपेंड रहने के बजाय वे आत्मर्निभर बनना पसंद करती हैं। कुछ खास टिप्स फीमेल राइडर्स के लिए।

हेलमेट इज़ नेसेसरी
हेलमेट लगाने से आपकी हेयरस्टाइल खराब हो सकती है, पर कभी भी बिना हेलमेट लगाए अपना स्कूटर स्टार्ट न करें। भले ही आप शॉर्ट डिस्टेंस पर निकल रहे हों लेकिन आपको बता दें कि दुर्घटना दूरी देखकर नहीं घटती। अच्छा हेलमेट पहनने पर राइडर की जान 80 फीसदी सुरक्षित रहती है क्योंकि दुपहिया वाहनों की दुर्घटना में सबसे पहले चोट सिर पर ही लगती है।

से नो टु हील्स
गल्र्स को हाई हील्स का बहुत शौक होता है। जल्दबाज़ी में वे कभी-कभी हाई हील पहनकर ही स्कूटी चलाने लगती हैं। अगर आप भी ऐसा करती हैं तो आप जानबूझकर अपनी जान जोखिम में डाल रही हैं। हील पहनकर राइडिंग के दौरान जब ट्रैफिक में या फिर किसी इमरजेंसी में अपना पैर सड़क पर टिकाती हैं तो बैलेंस नहीं बनता, जिसकी वजह से आप गिर भी सकती हैं। राइडिंग के समय जूते पहनना बेहतर रहता है।

पिलियन राइडिंग
अकसर आपने टू व्हीलर पर बैठे लोगों को अजीब अवस्था में देखा होगा क्योंकि उनको पता ही नहीं होता कि वो अपना पैर कहां टिकाएं। ऐसे में वे अपना पैर लटकाए रहते हैं। इससे न सिर्फ राइडर को चोट लगने का अंदेशा बना रहता है, बल्कि पिलियन राइडर भी ़ातरे में रहता है। अगर आप पिलियन राइडिंग करने जा रहे हैं तो बैठने से पहले व्हीकल के फुट पेग को बाहर निकाल लें। जब राइडर कहीं रुके तो आप उसके साथ अपना पैर नीचे न टिकाएं, ऐसा करने पर चोट लग सकती है। जब तक आप टू व्हीलर पर बैठे हैं, पैर ऊपर ही रखें।

टेक केयर ऑफ साइड ग्लास
अकसर लोग टू व्हीलर खरीदने के बाद सबसे पहले उसके साइड में लगे दोनों रियर व्यू मिरर को बाहर निकाल देते हैं। ये मिरर बहुत काम के होते हैं और राइडिंग के दौरान आपको पीछे से आ रहे व्हीकल्स पर नज़र रखने में मदद करते हैं। इसको हटाकर आप खुद को खतरे में डाल देते हैं।

अवॉइड यूजि़क
अकसर राइडर्स राइडिंग के दौरान कानों में इयर$फोन लगा लेते हैं। यह बहुत गलत आदत है। यूजि़क सुनते टाइम आपका माइंड डायवर्ट हो सकता है, अगर रोड पर से आपका ध्यान हट गया तो कभी-कभी एक्सीडेंट होने की आशंका बनी रहती है।
जि़ंदगी अनमोल है, इस बात का ध्यान हमेशा रखना चाहिए। रेस लगाने या गुस्से में राइड करने से भी बचना चाहिए।

निधि

Posted By: Pratibha Kumari