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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त विंडो शेड्स क्यों खुलवाती हैं एयर होस्टेस? सेफ्टी से जुड़ी है वजह

Published: Mon, 15 Sep 2025 02:57 PM (IST)

क्या आप जानते हैं कि टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त एयर होस्टेस प्लेन की खिड़की के शेड्स खोलने के ...और पढ़ें

क्यों लैंडिंग के वक्त खिड़की के शटर खुलवाते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)
क्यों लैंडिंग के वक्त खिड़की के शटर खुलवाते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

HighLights

  1. टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त प्लेन की खिड़की के शेड्स खोलने के लिए कहते हैं
  2. इसके पीछे सुरक्षा से जुड़े कारण हैं
  3. लैंडिंग और टेक ऑफ के समय दुर्घटना का सबसे ज्यादा खतरा रहता है

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपने कभी हवाई जहाज से ट्रैवल किया है, तो आपने ध्यान दिया होगा कि लैंडिंग और टेक ऑफ के दौरान फ्लाइट अडेंटेंड्स प्लेन की खिड़की के शेड खोलने के लिए कहते हैं। कई बार यात्री इसे एक सामान्य प्रक्रिया मानकर मान लेते हैं या सोचते हैं कि यह बाहर का नजारा देखने के लिए कहा जा रहा है।

लेकिन क्या आपको पता है इसके पीछे कुछ और ही वजह है। दरअसल, यह सेफ्टी प्रोटोकॉल का हिस्सा है, जिसके पीछे कई जरूरी कारण छिपे हैं। आइए जानें किन वजहों से टेकऑफ और लैंडिंग के वक्त प्लेन की खिड़की के पर्दे खोलने के लिए कहा जाता है।

इमरजेंसी कंडीशन के लिए तैयारी

यह इस नियम का सबसे जरूरी कारण है। टेक ऑफ और लैंडिंग को उड़ान के सबसे जोखिम भरे स्टेज माने जाते हैं। अगर किसी एक्सीडेंट या और किसी कारण से प्लेन को लैंडिंग करनी पड़े या इमरजेंसी निकासी करानी पड़े, तो उस स्थिति में हर सेकंड मायने रखता है।

बाहरी स्थिति का आकलन- खुले शेड्स के कारण यात्री और क्रू बाहर की स्थिति को तुरंत देख और समझ सकते हैं। क्या बाहर आग लगी है? क्या मौसम खराब हैं? कौन सा रास्ता निकलने के लिए सुरक्षित है? इस जानकारी के आधार पर क्रू सही फैसला ले सकते हैं।

बाहर से विजिबिलिटी के लिए

इमरजेंसी स्थिति में, रेसक्यू क्रू को विमान के अंदर का जायजा लेने में मदद मिलती है। खुले शेड्स की वजह से वे अंदाजा लगा सकते हैं कि विमान के अंदर क्या स्थिति है, धुआं है या आग लगी है, और यात्री किस हालात में हैं। इससे वे जल्दी और सही तरीके से रेस्क्यू कर सकते हैं।

अवेयर रहने में मदद

फ्लाइट अटेंडेंड्स और यात्रियों की नजर बाहर रहने से कोई भी असामान्य गतिविधि, जैसे इंजन से निकलता धुआं, पंखों पर बर्फ जमना, या कोई तकनीकी समस्या, तुरंत देखी जा सकती है। यात्री कभी-कभी ऐसी छोटी-मोटी अनियमितताओं को सबसे पहले नोटिस करते हैं और तुरंत क्रू को सूचित कर सकते हैं। इससे किसी भी इमरजेंसी स्थिति को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

अगली बार जब कोई फ्लाइट अटेंडेंट आपसे विंडो शेड खोलने के लिए कहे, तो इसे केवल एक फॉर्मलिटी न समझें। यह हवाई सुरक्षा के उन कई नियमों में से एक है, जिन्हें दशकों के अनुभव और रिसर्च के बाद तैयार किया गया है। यह छोटा-सा नियम इमरजेंसी में आपकी और दूसरे यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसलिए, अगली उड़ान में टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान इस सेफ्टी गाइडलाइन को जरूर फॉलो करें।

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