115 साल पहले शुरू हुआ था दुनिया का पहला सरकारी वृद्धाश्रम, तीन दोस्तों ने मिलकर रखी थी इसकी नींव
दुनिया का पहला सरकारी वृद्धाश्रम 20वीं सदी की शुरुआत में एरिजोना के प्रेस्कॉट में खुला था। मेजर ए.जे. डोरन, जॉनी ...और पढ़ें

कहां बना था दुनिया का पहला वृद्धाश्रम? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। समय की धूल में अक्सर वह संघर्ष दब जाता है जो समाज के कमजोर तबके को सम्मान दिलाने के लिए किया गया हो। बुजुर्गों को एक छत और सम्मानजनक जीवन देने की ऐसी ही एक ऐतिहासिक शुरुआत 20वीं सदी के शुरुआती वर्षों में अमेरिका में हुई थी। यह कहानी है एरिजोना के प्रेस्कॉट शहर की, जहां दुनिया का पहला सरकारी वृद्धाश्रम खोला गया था।
तीन दोस्तों का संघर्ष और एक ऐतिहासिक कानून
बुजुर्गों के लिए एक सरकारी आश्रय की मांग सबसे पहले मेजर ए.जे. डोरन, जॉनी ड्यूक और फ्रैंक एम. मर्फी ने उठाई थी। उनकी यह राह आसान नहीं थी। डोरन ने साल 1907 में विधानसभा में इस संबंध में एक विधेयक पेश किया, लेकिन वह पास नहीं हो सका। हार न मानते हुए उन्होंने कोशिश जारी रखी और दो साल बाद, यानी 1909 में इस विधेयक को मंजूरी मिल गई। 11 मार्च 1909 को तत्कालीन गवर्नर जोसेफ हेनरी किब्बे ने इसे कानून बनाकर इतिहास रच दिया।
शानदार इमारत और महिला आर्किटेक्ट का हुनर
इस वृद्धाश्रम की नींव फ्रैंक मर्फी की दान की गई 4.5 एकड़ जमीन पर रखी गई। प्रेस्कॉट की ग्रेनाइट चट्टानों पर एक भव्य तीन मंजिला इमारत तैयार की गई। दिलचस्प बात यह है कि इसे एक महिला आर्किटेक्ट, डब्ल्यू.एस. इलियट ने डिजाइन किया था। लाल ईंटों और लकड़ी के बरामदों वाली इस खूबसूरत इमारत को बनाने में उस समय करीब 25 हजार डॉलर का खर्च आया था।
मुश्किल शर्तें और शुरुआत
1 फरवरी 1911 को पहली बार इस वृद्धाश्रम के दरवाजे खुले। शुरुआत में यहां केवल 40 पुरुषों को जगह मिली। यहां रहने की पात्रता काफी सख्त रखी गई थी, जैसे- न्यूनतम उम्र 60 वर्ष होनी चाहिए थी, व्यक्ति का एरिजोना में कम से कम 25 साल का निवास रिकॉर्ड हो और वह आर्थिक रूप से पूरी तरह असहाय हो। ए.जे. डोरन, जिन्होंने इसके लिए कानून बनाने की लड़ाई लड़ी थी, उन्हें ही यहां का पहला सुपरिंटेंडेंट नियुक्त किया गया।
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(Picture Courtesy: Freepik
समय के साथ विस्तार
जैसे-जैसे जरूरतें बढ़ीं, इस सरकारी संस्थान का विस्तार हुआ। 1916 में महिलाओं के लिए एक अलग विंग बनाई गई और 1929 में दिव्यांग खनिकों के इलाज के लिए एक अस्पताल भी जोड़ा गया।
हैरानी की बात यह है कि 55 साल से भी ज्यादा पुराना यह वृद्धाश्रम को आज भी राज्य सरकार सफलतापूर्वक संचालित कर रही है। वर्तमान में यहां 125 से ज्यादा बुजुर्ग रह सकते हैं। समय के साथ इसके नियम भी बदल गए हैं, अब यहां रहने के लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 70 वर्ष और एरिजोना में 50 साल का निवास होना अनिवार्य है। यहां रहने वाले बुजुर्ग अपनी मासिक आय का केवल एक तय हिस्सा ही शुल्क के तौर पर देते हैं।
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