युवाओं को यमुना सफाई से जोड़ेगा ‘मैं भी यमुना प्रहरी’ एप, 30 कॉलेजों के हजारों विद्यार्थी लेंगे 'संकल्प'
दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई और संरक्षण के लिए 'मैं भी यमुना प्रहरी' ऐप लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ना है।

डीयू स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छ यमुना प्रहरी एप के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मेत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा व मंत्री प्रवश वर्मा। जागरण
HighLights
'मैं भी यमुना प्रहरी' ऐप दिल्ली में हुआ लॉन्च।
युवाओं को यमुना सफाई अभियान से जोड़ने की नई पहल।
18 अक्टूबर को 30 कॉलेजों के छात्र लेंगे स्वच्छता संकल्प।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। यमुना की सफाई और संरक्षण को लेकर दिल्ली सरकार ने अब युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल की है। सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में ‘मैं भी यमुना प्रहरी’ एप का लांच किया। इसके साथ ही एप पर पंजीकरण की शुरुआत भी हो गई। सरकार का उद्देश्य इस माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को यमुना स्वच्छता अभियान से जोड़ना है।
18 अक्टूबर को 30 काॅलेजों के विद्यार्थी लेंगे संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 अक्टूबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के 30 काॅलेजों के हजारों विद्यार्थी एक साथ यमुना की स्वच्छता और संरक्षण का संकल्प लेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अभियान को केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसका संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। नागरिकों की भागीदारी और व्यवहार में बदलाव के बिना इसे जनआंदोलन का रूप देना संभव नहीं होगा।
22 नालों के मुहानों पर एसटीपी की योजना
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई को प्राथमिकता देते हुए व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया है। उन्होंने कहा इसके लिए तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। यमुना में गिरने वाले 22 बड़े नालों के मुहानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 12 स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
नागरिकों की जिम्मेदारी और जनभागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पूजा सामग्री, फूल-मालाएं और खंडित मूर्तियां नदी में प्रवाहित करने जैसी गतिविधियों से भी यमुना पर दबाव बढ़ता है। इसलिए सरकारी परियोजनाओं के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी और निरंतर जनभागीदारी भी जरूरी है। कार्यक्रम में मंत्री प्रवेश वर्मा, विधायक सूर्य प्रकाश खत्री और डीयू कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा मौजूद रहे।
