नई दिल्ली [राहुल चौहान]। लोगों को नेत्र रोगों और आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक करने के लिए बृहस्पतिवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया। इसके बारे में जानकारी देते हुए एम्स आरपी सेंटर के प्रमुख डा. जेएस टिटियाल ने बताया कि लोगों को नेत्र रोगों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। आंखों में कोई भी परेशानी होने पर उसकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति को साल में एक बार और किसी बीमारी या आंखों की समस्या से पीडि़त व्यक्ति को हर छह महीने पर अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए।

डा. टिटियाल ने आगे बताया कि भारत में करीब एक करोड़ 20 लाख लोग अंधेपन के शिकार हैं। इसके अलावा बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक काफी लोग आंखों के दृष्टि दोष के कारण चश्मे का इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही देश में ऐसे लोगों की भी बड़ी संख्या है, जिनकी आंखों का दोष ठीक हो सकता है, लेकिन उन तक स्वास्थ्य सेवाएं न पहुंचने के कारण उनकी समस्या अंधेपन में बदल जाती है। कम से कम लोग अंधेपन के शिकार हों, इसके लिए लोगों को आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।

डा. टिटियाल ने यह भी बताया कि देश में ऐसे लोगों की भी अधिक तादाद है, जो दूसरे लोगों द्वारा दान की गई आंखों के इंतजार में रहते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए लोगों को नेत्रदान के प्रति भी जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने बताया क एम्स के आरपी सेंटर द्वारा लगातार छात्रों और युवाओं को आंखों की समस्याओं और इनके निवारण के बारे में जागरूक करने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम चलाए जाते रहते हैं।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari