नई दिल्ली। जीआरपी में तैनात दिल्ली पुलिस के सिपाही नागेंद्र मिश्र ने आंध्र प्रदेश निवासी महिला (22) को न केवल गलत हाथों पर पड़ने से बचाया, बल्कि उसके परिजनों से मिलवाया भी। पंजाब से आंध्र प्रदेश जाने के दौरान महिला गलती से शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन पर उतर गई थी।

उसे दिल्ली के बारे में जानकारी नहीं थी और केवल तेलुगु भाषा जानती थी। वह 2 साल के बेटे को गोद में लेकर प्लेटफार्म पर रो रही थी। तभी सिपाही की नजर उस पर पड़ी। उसने महिला की मदद की। सहायक पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश सिंह ने सिपाही के कार्य की सराहना की है।

उन्होंने बताया कि इनाम के लिए सिपाही का नाम प्रस्तावित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार महिला का नाम सुवर्णा है। पांच साल पहले उसने प्रेम विवाह किया था। उसका पति पंजाब के मानसा में नौकरी करता है। कुछ महीने पहले वह पति के साथ मानसा आई थी।

मां की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण सुवर्णा ने आंध्र प्रदेश जाने का निर्णय लिया। पति ने 20 अक्टूबर को ट्रेन में बैठा दिया। सुवर्णा को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना जाने के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। गलती से दोपहर को वह बेटे को लेकर शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन पर ही उतर गईं।

उन्हें दिल्ली के बारे में जानकारी नहीं थी। सुवर्णा ने लोगों से मदद मांगी, लेकिन मदद नहीं मिल पाई। घबराकर वह रोने लगीं। प्लेटफार्म नंबर एक पर बेटे को गोद में लेकर वह रो रही थीं। शाम के समय कुछ लोगों ने उन्हें घेर भी रखा था। तभी वहां सिपाही नागेंद्र मिश्र पहुंचे।

उन्होंने महिला से बात करने की कोशिश की, लेकिन तेलुगू भाषा नहीं आने के कारण उन्हें समस्या के बारे में पता नहीं चल सका। उन्होंने विवेक का इस्तेमाल करते हुए एसीपी ओपी सिंह व एटीओ हरि कृष्ण को फोन कर महिला के बारे में बताया।

उन्होंने महिला को थाने ले आने को कहा। बैग की तलाशी लेने पर कागज पर उनके पति का नंबर लिखा मिला। पति से बातकर उन्हें दिल्ली बुला लिया गया। आंध्र प्रदेश में स्थानीय थाने को भी फोन कर रेलवे पुलिस ने परिजनों को जानकारी देने को कहा। रात नौ बजे सुवर्णा के पति सराय रोहिल्ला रेलवे थाने आ गए। इसके बाद सुवर्णा को उन्हें सौंप दिया गया।

Posted By: JP Yadav

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