जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली : रेलवे पुलिस ने खुदकुशी मामले में परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की है। इसमें किरण के मानसिक रूप से परेशान होने की बात सामने आई है। पड़ोसियों का कहना है कि वह अपने बच्चों के साथ बहुत मारपीट करती थी। कभी उसका व्यवहार ऐसा नहीं लगा कि वह बच्चों से प्यार करती हो। राकेश ने भी पूछताछ में यही बताया है कि वह बात-बात पर नाराज हो जाती है। बिना बताए बच्चों को लेकर रिश्तेदारों के यहां पहुंच जाती थी। किरण के कुछ रिश्तेदार मंडावली में ही रहते हैं।

वहीं वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. केपी राणा का कहना है कि बिना मरीज की जांच किए उसकी अवस्था का आंकलन मुश्किल है, लेकिन पड़ोसी जैसा बता रहे हैं, उसमें दो बीमारी होने की आशंका है। पहली साइकोसिस। इससे पीड़ित मरीज को अपने बच्चों में भी दुश्मन नजर आने लगता है। उसकी कल्पना की दुनिया अलग होती है। वह हर किसी को शक की दृष्टि से देखने लगता है। जिस तरह से महिला बच्चों के साथ खुद भी ट्रेन के आगे आ गई है उससे उसके अवसादग्रस्त होने की आशंका अधिक है। दरअसल, हमारे समाज में हर वर्ग में इस मानसिक रोग को सही समय पर पहचान नहीं करने की समस्या है। अगर समय रहते मानसिक बीमारी का पता चल जाए तो उसका इलाज संभव है। रात आठ बजे के बाद घर से निकली थी महिला

रेलवे पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला है कि महिला बच्चों को लेकर रात आठ बजे के बाद घर से निकली थी। आशंका है कि इसके बाद वह मंडावली रेलवे लाइन पर पहुंच गई। यहां फिलहाल ट्रेन का परिचालन कम है। आनंद विहार स्टेशन से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही है, लेकिन निजामुद्दीन से ट्रेन इस लाइन से गुजर रही है।

तीन माह पहले ही रहने के लिए पहुंचा था परिवार

मंडावली में यह परिवार तीन महीने पहले ही किराये पर रहने के लिए पहुंचा था। इस वजह से पड़ोसियों से अभी इतना मेलजोल नहीं था। मकान मालिक का कहना है कि लॉकडाउन में उन्होंने परिवार से किराया भी नहीं लिया। जब राकेश का काम शुरू हुआ तो किराया मिलने लगा।

Posted By: Jagran

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