Exclusive: 7 साल की मन्नतों बाद जन्मी थी बेटी, पूर्वी दिल्ली के स्कूल में बेटी की मौत के बाद क्या बोले पिता?
पूर्वी दिल्ली के माया विहार स्थित लवली हेरिटेज स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा की गिरने से मौत के बाद पिता ने स्कूल पर सवाल उठाए हैं।
HighLights
मयूर विहार स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा की मौत।
पिता ने स्कूल पर गलत अस्पताल ले जाने का आरोप लगाया।
स्वस्थ बेटी की मौत से परिवार सदमे में, न्याय की गुहार।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के माया विहार के लवली हेरिटेज स्कूल की तीसरी क्लास की छात्रा के क्लास में गिरने से मौत होने के बाद उसके पिता का पहला बयान सामने आया है। अपनी इकलौती औलाद को खोने वाले पिता समझ नहीं पा रहे कि उनके साथ ये क्या हो गया।
जिस बेटी को सुबह तैयार करके स्कूल भेजा था अब वह उनके बीच नहीं है। उनका कहना है कि उनकी बेटी बिल्कुल ठीक थी। वह जिम ट्रेनर है और उनकी बेटी रोज उनके साथ बैडमिंटन खेलती थी, उसे कुछ नहीं हुआ था।
उन्होंने स्कूल पर आरोप लगाया कि आखिर बच्ची को इतना दूर लक्ष्मी नगर अस्पताल क्यों ले जाया गया। उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल या मैक्स ले जाया जा सकता था।
क्या बोले पिता?
बच्ची के पिता का नाम विकास है और परिवार कल्याणपुरी ब्लॉक 16 में रहता है। उन्होंने अपनी बच्ची के हेल्थ, स्कूल आदि सब विषय पर विस्तार से बताया, पढ़ें वो क्या बोले...
रिपोर्टर: 16 ब्लॉक में। आपकी बच्ची कौन से स्कूल में पढ़ती है?
विकास: लवली हेरिटेज में।
रिपोर्टर: आपकी बच्ची को कोई समस्या (हेल्थ प्रॉब्लम) थी या क्या था?
विकास: कुछ भी नहीं था। एकदम फिट भेजा था मैंने उसे। वो कह रहे हैं कि आपकी बेटी गिरी, बेहोश (अनकॉन्शियस) हुई और दम तोड़ दिया... ये हो ही नहीं सकता। मान लीजिए कुछ भी हुआ हो, लाल बहादुर अस्पताल यहां से कितनी दूर है? अगर प्राइवेट ले जाना था, तो मैक्स हॉस्पिटल कितनी दूर है? आप सुबह 9:00 बजे वर्किंग आवर्स में मेरी बच्ची को धक्के खिलाते हुए इतनी दूर लक्ष्मीनगर लेकर जा रहे हैं, क्यों?
रिपोर्टर: यानी पास का अस्पताल छोड़कर लक्ष्मीनगर ले गए, यह कहना है आपका?
विकास: हां, पास के अस्पताल छोड़कर लक्ष्मीनगर क्यों लेकर गए? किसका दिमाग चला था कि लक्ष्मीनगर लेकर चलेंगे?
रिपोर्टर: आपने फुटेज देखा था?
विकास: ...वो क्लास में आई, गिर गई और यहां चोट लग गई, कट लग गया। तो क्या 20-30 मिनट स्कूल में हमारे आने का इंतजार किया जाएगा कि माता-पिता आएंगे तब लेकर जाएंगे? उससे बेहतर था कि तुरंत लाल बहादुर या मैक्स हॉस्पिटल लेकर जाते। और इतना बड़ा स्कूल है, तीसरी क्लास के लिए साल का ₹1 लाख ले रहे हैं, तो वहां डॉक्टर क्यों नहीं था? कहां था डॉक्टर? हर बड़े स्कूल में एक मेडिकल रूम होता है, जहां डॉक्टर होना चाहिए। वहां कोई क्यों नहीं था? पीटी पीरियड खत्म होने के बाद क्लास में केवल एक ही टीचर क्यों मौजूद थी? वहां की आया और अटेंडेंट कहां थे? अकेली उस टीचर को सब क्यों संभालना पड़ा? उसे क्या पता कि सीपीआर (CPR) कैसे देना है या बच्ची किस वजह से गिरी है?
रिपोर्टर: पहले कभी बच्ची की ऐसी कोई तबीयत या मेडिकल कंडीशन रही थी?
विकास: कुछ भी नहीं सर, मैं खुद जिम ट्रेनर हूं। मेरी बेटी रोज मेरे साथ बैडमिंटन खेलती थी।
रिपोर्टर: कहां खेलती थी, किसी एकेडमी वगैरह में?
विकास: हम पार्क में साथ खेलते थे, बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी।
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