'1 बजे का स्लॉट, 3 बजे आया नंबर', दिल्ली में SIR सुनवाई में बदहाली; मतदाताओं ने सुनाई पूरी कहानी
राजधानी दिल्ली में एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) सुनवाई केंद्रों पर मतदाताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है।

दिल्ली में एसआईआर सुनवाई में बदहाली से मतदाता नाराज। AI जनरेटेड
HighLights
एसआईआर सुनवाई में निर्धारित समय के बावजूद मतदाताओं को लंबा इंतजार करना पड़ा।
बीएलओ ऐप में तकनीकी खराबी के कारण प्रक्रिया में अधिक समय लगा।
कई मतदाता बिना सुनवाई के ही वापस लौटे, निराशा व्यक्त की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मुझे नोटिस में 1 बजे का स्लॉट दिया गया पर नंबर करीब शाम 3 बजे आया। राजौरी गार्डन के गवर्नमेंट ब्वायज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को एसआईआर के तहत सुनवाई के लिए पहुंची निम्मी रानी की यह परेशानी वहां अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों की परेशानियों को बयां कर रही थीं।
किसी के हाथ में आधार कार्ड था तो कोई अन्य दस्तावेजों की फाइल लेकर केंद्र पर बैठा था। लोगों को अलग-अलग स्लॉट के हिसाब से बुलाया गया था, लेकिन सुनवाई इतनी धीमी चली कि कई लोगों को निर्धारित समय के बाद भी डेढ़ से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
नोटिस में दिए गए
सुबह से ही केंद्र पर मतदाताओं का आना शुरू हो गया था। कई लोग अपने दफ्तर से छुट्टी लेकर पहुंचे थे तो बुजुर्ग अपने स्वजनों के साथ आए थे। सभी की परेशानी एक ही थी कि नोटिस में दिए गए समय पर पहुंचने के बावजूद उनकी सुनवाई कब होगी। इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।
इंतजार बढ़ने के साथ लोगों की बेचैनी भी बढ़ती गई। कुछ महिला और पुरुष काफी देर तक कतार और टोकन का इंतजार करने के बाद बिना सुनवाई कराए ही वापस लौट गए। लोगों का कहना था कि जब पहले से स्लॉट और कूपन दिए गए थे तो उसी के अनुसार सुनवाई होनी चाहिए थी।
एक महिला ने बताया कि उनका टोकन नंबर 175 था और निर्धारित समय निकलने के बाद भी उन्हें करीब सवा घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद भी वह सुधार नहीं करवा पाई है और उन्हें वापस लौटना पड़ा है।
बच्चों को घर छोड़कर आई महिला ने देरी पर पूछा सवाल
सुनवाई के लिए पहुंची रेनू ने जब केंद्र में मौजूद बीएलओ कर्मचारी से देरी का कारण पूछा तो उनके अनुसार वहां मौजूद अधिकारी ने उनके साथ बदसलूकी की और पुलिस कार्रवाई की धमकी दी।
रेनू ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर आई थीं। ऐसे में वह बार-बार यह पूछ रही थीं कि सुनवाई में कितना समय लगेगा। यदि लोगों को इतना लंबा इंतजार करना था तो स्लॉट देने का क्या मतलब है।
ड्राफ्ट में नाम, फिर भी नोटिस से उलझन
एसआईआर में लोगों की परेशानी का दूसरा पहलू यह भी सामने आया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद कुछ मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। मटिया महल विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला कब्रिस्तान स्थित एंग्लो अरेबिक प्राइमरी स्कूल में बीएलओ कैंप लगाकर ऐसे मतदाताओं को नोटिस दे रहे है, जिसके दस्तावेज में अंतर है या भाई-बहनों की उम्र में एक साल से कम का अंतर है।
वर्ष 2002 से संबंधित विवरण नहीं भरने में गड़बड़ी की है। यहां पोलिंग स्टेशन नंबर 77, 78, 79, 80, 82 और 83 के बीएलओ उनकी टीम लोगों की समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया के बारे में जानकारी भी दे रही हैं।
एप में तकनीकी दिक्कत से भी बढ़ा समय
राजौरी गार्डन के एइआरओ नवीन कुमार ने कहा कि कई लोग अपने निर्धारित स्लॉट के बजाय अपनी सुविधा के अनुसार केंद्र पर पहुंच गए, जिससे भीड़ बढ़ी। एलओ के एप में भी तकनीकी समस्या आ रही थी, जिसके कारण एक मतदाता की प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लग रहा था।
प्रत्येक व्यक्ति की सुनवाई की जा रही है और जिन्हें निर्धारित समय पर सुनवाई में दिक्कत हो रही है, उन्हें दूसरे स्लॉट भी दिए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में SIR की तारीख तीसरी बार बढ़ी, कब आएगी फाइनल वोटर लिस्ट?
