फारूक अब्दुल्ला के बयान पर बवाल, VHP ने कहा- खाना भारत का और गुणगान पापी पाकिस्तान का...यह नहीं चलेगा
नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के पक्ष में दिए बयान पर विवाद गहरा गया है। विहिप ...और पढ़ें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के बारामूला में एक रैली में भाषण दिया। सौ. सोशल मीडिया
HighLights
फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को श्रेय दिया।
विहिप ने अब्दुल्ला के पाक समर्थक बयान को देशद्रोही बताया।
विहिप ने अब्दुल्ला से माफी या कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला द्वारा जम्मू कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पक्ष में दिए गए बयान पर विवाद गहरा गया है। विहिप ने पाक परस्त बयान को देशद्रोही बताते हुए कहा है कि खाना भारत का और गुणगान पापी पाकिस्तान का... यह नहीं चलेगा।
'भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं'
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दो टूक कहा कि फारूक अब्दुल्ला को अपने इस बयान के लिए तत्काल देश से माफी मांगनी चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध देशद्रोह अथवा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्य में एक कार्यक्रम में भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता हो ही नहीं सकता।
पाकिस्तान की तारीफ में पढ़े कसीदे
फारूक अब्दुल्ला ने राज्य में एक कार्यक्रम में कश्मीरियों की रक्षा करने और कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर जीवित रखने का श्रेय पाकिस्तान को दिया। अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया भर में यह मुद्दा उठाता है कि कश्मीर पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की खामोशी के पीछे अंतरराष्ट्रीय दबाव है।
'यह भारत के साथ गद्दारी है'
जिसको विहिप ने स्पष्ट करते हुए दो टूक कहा कि यह भारत के साथ गद्दारी है। विनोद बंसल ने कहा कि यह किसी से छुपा नहीं है कि किस प्रकार पाकिस्तान लगातार भारत पर हमले करता रहा है। आतंकवाद को निरंतर बढ़ावा देता रहा है और जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने की कोशिश करता रहा है। ऐसे पाकिस्तान को कश्मीरियों का हितैषी बता कर आखिर फारूक अपनी कौन सी मानसिकता को दर्शा रहे हैं?
अनुच्छेद 370 और 35 ए पर पूछे सवाल
बंसल ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या वह भूल गए हैं कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद किस प्रकार आतंकी घुसपैठ रुकी और संपूर्ण राज्य में विकास की बयार चली? केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान के प्रति सख्त नीति के परिणामस्वरूप ही जम्मू-कश्मीर में शांति, खुशहाली और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। ऐसे समय में पाकिस्तान की प्रशंसा करना और उसकी भूमिका को कश्मीरियों के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करना अत्यंत आपत्तिजनक और देशद्रोह की पराकाष्ठा है।
'अपने पिता के साथ खड़े हैं देश के'
राज्य के मुख्यमंत्री को भी इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या वे भी पाकिस्तान से मोहब्बत में अपने अब्बूजान के साथ खड़े हैं या देश के? विहिप प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे में यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या फारुख अब्दुल्ला ऐसे बयानों के माध्यम से कश्मीरी युवाओं को दिग्भ्रमित कर विपक्षी नेताओं के रिजिम चेंज के दिवास्वप्न को साकार करने का कोई भारत विरोधी षड्यंत्र तो नहीं रच रहे?
