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'8 महीनों में 254 हिंदू जिहादी हिंसा के शिकार', विहिप का बड़ा दावा; फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून की मांग

Published: Sat, 03 Oct 2026 06:20 PM (IST)

विहिप ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया है कि इस साल जनवरी से अगस्त के बीच 254 हिंदू जिहादी हिंसा और हत्याओं के शिकार हुए हैं।

विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र कुमार जैन

विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र कुमार जैन

HighLights

  1. विहिप: 8 माह में 254 हिंदू जिहादी हिंसा के शिकार।

  2. त्वरित न्याय हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट की तत्काल स्थापना की मांग।

  3. मदरसों पर नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी की अपील।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने देश में बढ़ रही कट्टरपंथी हिंसा को लेकर एक सनसनीखेज रिपोर्ट जारी की है। विहिप ने दावा किया है कि इस वर्ष जनवरी से अगस्त के बीच बीते आठ महीनों में देशभर में 254 हिंदू जिहादी हिंसा और हत्याओं के शिकार हुए हैं।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यह आंकड़ा केवल उन घटनाओं का है जो मीडिया के माध्यम से सामने आ सकी हैं, जबकि ऐसी कई अन्य घटनाएं उजागर ही नहीं हो पाईं।

देशभक्तों के लिए गंभीर चिंता का विषय

विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि पिछले एक दशक में कई राज्यों में राष्ट्रवादी सरकारों द्वारा इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निरंतर प्रयास किए गए हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में हिंदुओं की हत्याएं होना सभी देशभक्त नागरिकों के लिए अत्यंत चिंताजनक है।

उन्होंने चेतावनी दी कि पड़ोसी के घर में लगी आग को अनदेखा करना घातक सिद्ध हो सकता है। डॉ. जैन ने सभी देशवासियों से दलीय व व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर देश को इस संकट से उबारने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्वार्थी इस्लामिक शक्तियां और उनके प्रवक्ता मुस्लिम समाज को भड़काकर देश के एक और विभाजन की धमकियां दे रहे हैं, जो किसी भी राष्ट्रभक्त को स्वीकार्य नहीं हो सकता।

विहिप ने रखी मांगें

त्वरित न्याय व फास्ट ट्रैक कोर्ट

धार्मिक विद्वेष के आधार पर हिंदुओं पर हुए हमलों के मामलों की सुनवाई के लिए अविलंब फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाए और दोषियों को शीघ्र कठोरतम सजा दी जाए।

नाबालिगों से जुड़े नियमों में संशोधन

जिहादी षड्यंत्रों के तहत नाबालिगों का इस्तेमाल हिंसा व हत्याओं के लिए किया जा रहा है। ऐसे जघन्य कृत्यों में शामिल नाबालिगों पर भी वयस्कों की भांति कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मदरसों पर कठोर नियंत्रण

धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने वाले केंद्रों पर सख्त कार्रवाई की जाए। हाल ही में राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए सुझावों के अनुरूप इन पर नियंत्रण स्थापित हो।

सीसीटीवी से हो निगरानी

संवेदनशील इलाकों, मस्जिदों और मदरसों में उच्च क्षमता वाले कैमरे लगाए जाएं, जिनका सीधा नियंत्रण स्थानीय पुलिस थानों के पास हो।

अवैध गतिविधियों पर अंकुश

इस्लामिक कट्टरता को प्रोत्साहन देने वाली संस्थाओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

मुस्लिम समाज से आत्मविश्लेषण का आह्वान

विहिप ने मुस्लिम नेतृत्व को सचेत करते हुए कहा कि कट्टरपंथ के कारण उनका युवा वर्ग अंधकारमय भविष्य की ओर बढ़ रहा है। अलगाववादी साजिशों पर पर्दा डालने के बजाय मुस्लिम समाज को आत्मविश्लेषण कर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।

डॉ. जैन ने 9/11 जैसी साजिश को नाकाम करने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के शौर्य का अभिनंदन करते हुए कहा कि वैश्विक समुदाय को कट्टरपंथी ताकतों को परास्त करने के लिए एक साझा रणनीति बनानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विहिप और बजरंग दल मूकदर्शक नहीं रहेंगे और हिंदुओं की रक्षा के लिए सभी संविधान सम्मत उपायों पर विचार कर रहे हैं।

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