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राम मंदिर आंदोलन के प्रणेता अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी वर्ष मना रही VHP, रांची में 4 अक्टूबर को बड़ा कार्यक्रम

Published: Fri, 02 Oct 2026 05:39 AM (IST)

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अपने पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंहल का जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है, जिसके तहत रांची में 4 सितंबर को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा।

एकल अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अशोक सिंहल की रही महत्वपूर्ण भूमिका।

एकल अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अशोक सिंहल की रही महत्वपूर्ण भूमिका।

HighLights

  1. विहिप मना रही अशोक सिंहल का जन्म शताब्दी वर्ष

  2. रांची में 4 सितंबर को विशेष कार्यक्रम आयोजित

  3. सिंहल ने राष्ट्र व धर्म सेवा में योगदान दिया

संजय कुमार, रांची। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष, आजीवन संरक्षक और श्रीराम मंदिर निर्माण आंदोलन के प्रणेता रहे अशोक सिंहल का जन्म शताब्दी वर्ष पूरे देश में विहिप मना रही है। 27 सितंबर से लेकर अगले वर्ष तक अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम होंगे।

रांची में चार सितंबर को सरस्वती विद्या मंदिर धुर्वा के केशव सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उसके मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल होंगे। वहीं, मुख्य वक्ता विहिप के केंद्रीय मंत्री एवं विशेष संपर्क प्रमुख सह पटना क्षेत्र के पालक अधिकारी अम्बरीष कुमार होंगे। यह कहना है विहिप के झारखंड प्रातं के मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र का।

उन्होंने कहा कि अशोक सिंहल रांची, धनबाद, हजारीबाग, गुमला, जमशेदपुर सहित झारखंड के कई जिलों में आए। एकल अभियान को राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एकल अभियान के 25 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2014 में रांची में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

साथ ही इस आयोजन का समापन मार्च 2015 में धनबाद में हुआ था। एक से तीन मार्च तक आयोजित इस कार्यक्रम में अशोक सिंहल आए जो उनका अंतिम झारखंड दौरा था। उस कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत भी थे। उसी वर्ष उनका निधन हो गया। इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने कहा कि अशोक सिंहल ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं धर्म की सेवा में समर्पित कर दिया।

वर्ष 1950 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। वे प्रांत प्रचारक भी रहे। वर्ष 1982 में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री का दायित्व संभाला और तत्पश्चात महामंत्री, अध्यक्ष तथा जीवन पर्यंत संरक्षक के रूप में संगठन को दिशा दी।

उन्होंने सामाजिक समरसता, गोरक्षा, मतांतरण रोकने तथा वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु वेद विद्यालयों की स्थापना में अनवरत योगदान दिया। रांची में आयोजित कार्यक्रम में पूरे प्रांत से कार्यकर्ता आएंगे और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लेंगे। इस मौके पर बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश रंजन आदि भी थे।