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भारत मंडपम में सजेगा मंच: अमित शाह और होसबाले करेंगे अशोक सिंहल जन्मशताब्दी का आगाज; साल भर होंगे कार्यक्रम

Published: Fri, 25 Sep 2026 06:27 PM (IST)

विहिप ने पूर्व कार्याध्यक्ष अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले विश्वव्यापी कार्यक्रमों की घोषणा की है।

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HighLights

  1. विहिप ने अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी पर विश्वव्यापी कार्यक्रम घोषित किए।

  2. 27 सितंबर को भारत मंडपम में भव्य उद्घाटन समारोह होगा।

  3. काशी-मथुरा मुक्ति, घरवापसी जैसे संकल्पों को आगे बढ़ाया जाएगा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विहिप के पूर्व कार्याध्यक्ष अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विश्व हिन्दू परिषद ने आज वर्ष भर चलने वाले विश्व व्यापी कार्यक्रमों की घोषणा की है।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि आगामी 27 सितंबर से अशोक सिंहल के प्रेरणादायी जीवन, उनके दूरदर्शी चिंतन तथा राष्ट्र और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा व कृतज्ञता अर्पित की जाएगी।

इंद्रप्रस्थ में विहिप व अशोक सिंहल फाउण्डेशन द्वारा जन्मशताब्दी वर्ष के भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन 27 सितंबर, रविवार को सायं चार बजे से भारत मंडपम में किया जाएगा।

भारत मंडपम में महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि महाराज का पावन सान्निध्य रहेगा तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति रहेगी।

काशी और मथुरा की मुक्ति का संकल्प बढ़ाएंगे आगे

आलोक कुमार ने कहा कि अयोध्या धाम की मुक्ति के बाद हमें आशा है कि इस वर्ष में हम काशी और मथुरा की मुक्ति के उनके महान संकल्प को भी द्रुत गति से आगे बढ़ाएंगे।

अवैध मतांतरण पर प्रतिबंध, घरवापसी को बढ़ावा, वैदिक ज्ञान-विज्ञान के प्रचार प्रसार, मंदिरों की सरकारी नियंत्रण से मुक्ति तथा सामाजिक समरसता व सेवा के उनके अधूरे कार्यों को गति देकर उनका पुण्य स्मरण करेंगे। इसके लिए हम वर्ष भर हजारों विचार गोष्ठियों, सभाओं और अन्य प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

इस अवसर पर उनके जीवन, आध्यात्मिक संस्कारों, संगठनात्मक कार्यों, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका तथा भारतीय संस्कृति के प्रति उनके समर्पण पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी तथा ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दिव्य पदचिह्न’ विषय पर आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन किया जाएगा।

श्रीराम स्तंभों का डिजिटल लोकार्पण भी होगा

साथ ही, ‘श्रीराम स्तंभ’ के प्रतिरूप का अनावरण व ‘श्रीराम स्तंभों’ का डिजिटल लोकार्पण भी किया जाएगा। इन स्तंभों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, वन-गमन मार्ग और उससे जुड़े सांस्कृतिक व आध्यात्मिक स्थलों की स्मृति को जनमानस से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

अशोक सिंहल फाउण्डेशन व विश्व हिन्दू परिषद के सहयोग से अयोध्या स्थित कारसेवकपुरम में दिव्यांग बंधुओं के लिए कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं सहायता उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ भी 27 सितंबर को ही किया जाएगा। यह सेवा कार्य एक अक्टूबर 2026 तक निरंतर पांच दिन चलेगा।

शिविर के माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं आवश्यक सहायता उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया जाएगा।

क्या है जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का उद्देश्य

आलोक कुमार ने यह भी कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धेय अशोक सिंहल के जीवन-संदेश को व्यापक समाज तक पहुंचाना, भारतीय संस्कृति के प्रति गौरवबोध जागृत करना तथा सेवा, संगठन, संस्कार और सामाजिक समरसता के कार्यों को नई ऊर्जा प्रदान करना है।

इस संकल्प के अंतर्गत 27 सितम्बर से चार अक्टूबर के बीच देश के 47 प्रमुख स्थानों पर विभिन्न प्रांतों के उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तथा वर्ष-भर सम्पूर्ण विश्व में हजारों स्थानों पर सेवा, समरसता, जन-जागरण, गोष्ठियों, प्रदर्शनियों इत्यादि के कार्यक्रम निरंतर होंगे।

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